Lohardaga news: जालिम बॉक्साइट माइंस के बंद होने के बाद रोजगार और आजीविका के संकट से जूझ रहे ट्रक मालिकों ने मंगलवार को हिंडालको कंपनी के मुख्य गेट के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं को उठाया। धरना में शामिल ट्रक मालिकों ने कंपनी प्रबंधन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 महीनों से उनकी गाड़ियां खड़ी हैं, जिससे उनके साथ जुड़े चालक, खलासी और मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
धरना दे रहे ट्रक मालिकों ने बताया कि जालिम बॉक्साइट माइंस बंद होने के बाद हिंडालको प्रबंधन द्वारा उनकी गाड़ियों को अन्य संचालित माइंस में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसके कारण ट्रक मालिक आर्थिक रूप से टूट चुके हैं और वाहन की किस्त, बीमा, रखरखाव तथा बैंक ऋण जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोहरदगा में बॉक्साइट परिवहन से जुड़े ट्रक मालिकों का एक संयुक्त संगठन भी कार्यरत है, जिसका उद्देश्य ट्रक मालिकों के बीच उत्पन्न विवादों और समस्याओं का समाधान करना है।
जालिम माइंस से जुड़े ट्रक मालिकों ने संगठन के पदाधिकारियों के समक्ष भी अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। ट्रक मालिकों ने आरोप लगाया कि पिछले 10 महीनों के दौरान उन्होंने कई बार हिंडालको प्रबंधन, ट्रक संगठन के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन सभी स्तरों पर केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि कंपनी प्रबंधन उनकी बात सुनता तो है, लेकिन समाधान के नाम पर लगातार टालमटोल किया जा रहा है।
धरना के दौरान ट्रक मालिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर उन्हें हिंडालको कंपनी की रोपवे व्यवस्था को भी बंद कराने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जालिम बॉक्साइट माइंस से जुड़े सभी ट्रकों का तत्काल अन्य माइंस में समायोजन किया जाए, ताकि ट्रक मालिकों, चालकों, खलासियों और मजदूरों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट का समाधान हो सके। धरना देने वाले जालिम माइंस के ट्रक ऑनर्सों में अवधेश साहू, संजय कुमार, बिजय यादव, बिरजू उरॉव, जफर खान, समीम खान, तेजामूल खान, अफरोज, हाजी शमशेर कुरैशी, इम्तियाज आलम, क्यामुद्दीन, मोजाहिद, युनूस अंसारी, शिवनारायण महतो, साजीद खान आदि समेत बड़ी संख्या में ऑनर्स शामिल थे। वे एक स्वर में अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। अब सबकी निगाहें हिंडालको प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
