रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने प्रार्थी सुचिता शर्मा और अर्चना कुमारी की याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है. अदालत ने डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल को साफ निर्देश दिया है कि दोनों शिक्षिकाओं को उनके नियुक्ति पत्र के आधार पर मई 2023 की जॉइनिंग तिथि से ही विद्यालय में तत्काल कार्य करने की अनुमति दी जाए.
इसके साथ ही हाई कोर्ट ने रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) के उस आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके तहत उनकी नियुक्ति की स्वीकृति देने से इनकार कर दिया गया था. अदालत ने DSE रांची को आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर दोनों शिक्षिकाओं की नियुक्ति पर अपनी औपचारिक मुहर लगाएं. अदालत ने स्पष्ट किया कि इनकी नियुक्ति 17 मई 2023 से ही प्रभावी मानी जाएगी और इन्हें सभी सेवा लाभ मिलेंगे, हालांकि पिछले समय का वेतन नहीं दिया जाएगा. अदालत में प्रार्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज टंडन ने दलीलें पेश कीं.
गौरतलब है कि इन दोनों शिक्षिकाओं की नियुक्ति 12 मई 2023 को हुई थी और उन्होंने 17 मई 2023 को स्कूल में अपना योगदान भी दे दिया था. लेकिन इसके एक साल बाद, 30 मई 2024 को रांची DSE ने एक आदेश (मेमो संख्या 1880) जारी कर उनकी नियुक्ति को मंजूरी देने से मना कर दिया था. इस प्रशासनिक फैसले को शिक्षिकाओं ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. अदालत ने पाया कि दोनों शिक्षिकाओं के पास सभी जरूरी शैक्षणिक योग्यताएं थीं और प्रक्रिया में कोई गलती नहीं थी, इसलिए योगदान के बाद इसे रोकना पूरी तरह गलत था.




