Jamshedpur News: पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी की जीत पर उन्हें बधाई देते हुए इसे राज्य के विकास और सुशासन की राजनीति की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा पहुंचना नाथवानी के प्रति विधायकों के विश्वास को दर्शाता है।
दुलाल भुईयां ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस नतीजे ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस दोनों को आत्ममंथन का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद जिस प्रकार मतदान हुआ, उससे साफ है कि गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई विधायकों ने विकास और राज्यहित को प्राथमिकता देते हुए मतदान किया।
भुईयां ने कहा कि भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी को 28 वोट मिलना कोई सामान्य बात नहीं है। एनडीए के पास 24 विधायक थे, इसके बावजूद नाथवानी जीत का आवश्यक आंकड़ा हासिल करने में सफल रहे। इससे स्पष्ट है कि उन्हें अन्य दलों के विधायकों का भी समर्थन मिला। उन्होंने इसे नाथवानी की स्वीकार्यता और उनके कार्यों पर विश्वास का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि झामुमो के उम्मीदवार बैजनाथ राम को 31 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार केवल 20 वोटों तक सिमट गए। यह परिणाम कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है। महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक होने के बावजूद कांग्रेस अपने प्रत्याशी को अपेक्षित समर्थन नहीं दिला सकी। इससे गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों पर भी सवाल खड़े होते हैं।
दुलाल भुईयां ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड की राजनीति में विकास, संवाद और जनहित के मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। उन्होंने परिमल नाथवानी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने नए कार्यकाल में झारखंड के विकास और राज्य के हितों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाएंगे।
