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विधानसभा में गूंजी मवेशियों की मौत की गूंज, आधार सुधार के लिए रांची की दौड़ होगी खत्म

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और तकनीकी जटिलताओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दे छाए रहे। एक ओर सिमडेगा में मवेशियों की रहस्यमयी मौत और पशु चिकित्सालयों की बदहाली पर सरकार से जवाब मांगा गया, तो

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और तकनीकी जटिलताओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दे छाए रहे। एक ओर सिमडेगा में मवेशियों की रहस्यमयी मौत और पशु चिकित्सालयों की बदहाली पर सरकार से जवाब मांगा गया, तो दूसरी ओर आधार कार्ड में सुधार के लिए ग्रामीणों को होने वाली भारी दिक्कतों का समाधान निकालने पर चर्चा हुई।

मवेशियों की मौत और चिकित्सा व्यवस्था पर तीखे सवाल

तारांकित प्रश्नकाल के दौरान सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने राज्य के पशु चिकित्सा केंद्रों की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में न तो प्रशिक्षित कर्मचारी हैं और न ही समय पर टीकाकरण हो रहा है, जिसके कारण मवेशियों की जान जा रही है।

जवाब में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है। सिमडेगा में 12 मवेशियों की मौत की जांच के लिए एक टीम भेजी गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि मवेशियों ने जंगल में कुछ ऐसा खा लिया जिससे उनके पेट में सूजन आ गई। मंत्री ने आश्वस्त किया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि पशु का पोस्टमार्टम हुआ है, तो मालिक मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आधार सुधार केंद्र: केंद्र सरकार से गुहार लगाएगी राज्य सरकार

भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव ने सदन का ध्यान आधार कार्ड की त्रुटियों के कारण ग्रामीणों को हो रही परेशानी की ओर खींचा। उन्होंने बताया कि सुधार के लिए लोगों को 90 दिन तक का इंतजार करना पड़ता है और बार-बार रांची आना पड़ता है। चूंकि अधिकांश सरकारी योजनाएं आधार से जुड़ी हैं, इसलिए त्रुटि के कारण गरीबों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

परिवहन मंत्री दीपक बिरूवा ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि आधार की प्रक्रिया सीधे तौर पर UIDAI (भारत सरकार) के नियंत्रण में है। हालांकि, राज्य सरकार जनहित को देखते हुए केंद्र से यह आधिकारिक आग्रह करेगी कि जिला मुख्यालयों या प्रमंडलीय स्तर पर रीजनल आधार सुधार केंद्र खोले जाएं ताकि ग्रामीणों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

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