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स्वच्छ ऊर्जा में टाटा पावर रिन्यूएबल्स की बड़ी छलांग, 10 GW EPC पूरा

Jamshedpur news: बुधवार को टाटा स्टील द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 10 गीगावाट EPC परियोजनाओं के सफल निष्पादन का माइलस्टोन पार कर लिया

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Jamshedpur news: बुधवार को टाटा स्टील द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 10 गीगावाट EPC परियोजनाओं के सफल निष्पादन का माइलस्टोन पार कर लिया है। यह उपलब्धि भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में कंपनी की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करती है। TPREL, द टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की सहायक कंपनी है और देश की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है।

अब तक कमीशन की गई 10 गीगावाट EPC परियोजनाओं में 9.7 गीगावाट सौर और 290 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से 4.2 गीगावाट परियोजनाएं इन-हाउस हैं, जबकि 5.8 गीगावाट थर्ड-पार्टी ग्राहकों के लिए निष्पादित की गई हैं। यह उपलब्धि कंपनी की मजबूत परियोजना प्रबंधन क्षमता, कुशल निष्पादन मॉडल और गुणवत्ता व सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों यानी अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के दौरान TPREL ने 1.88 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता कमीशन की, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में थर्ड-पार्टी ग्राहकों के लिए 1329 मेगावाट सौर परियोजनाएं पूरी की गईं, जबकि इन-हाउस स्तर पर 546 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई, जिसमें सौर और पवन दोनों परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं को पांच राज्यों में कठिन मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद समय पर पूरा किया गया।

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही कंपनी के लिए अब तक की सबसे सफल तिमाही रही, जिसमें 941 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं कमीशन की गईं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 139 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान राजस्थान के बीकानेर में NHPC, NLC और SJVNL के लिए DCR-अनुपालन सौर परियोजनाएं तथा तमिलनाडु के करूर में 187 मेगावाट की पवन परियोजना प्रमुख रहीं।

वर्तमान में TPREL की कुल यूटिलिटी-स्केल परिचालन क्षमता 6.0 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा दोनों शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2026 के दौरान अपनी स्वामित्व वाली अतिरिक्त 0.75 गीगावाट क्षमता कमीशन करने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है।

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