फॉण्ट कनवर्टर NEW

तांतनगर मॉडल स्कूल छात्रावास में भारी लापरवाही, करोड़ों पर सवाल

Chaibasa News: तांतनगर के मॉडल स्कूल में 100-बेड के छात्रावास निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन वास्तविकता देखने पर तस्वीर बिल्कुल उलट दिखी। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार सोमवार को जैसे ही स्थल पहुंचे, वहां

अपनी भाषा में पढ़ें

Chaibasa News: तांतनगर के मॉडल स्कूल में 100-बेड के छात्रावास निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन वास्तविकता देखने पर तस्वीर बिल्कुल उलट दिखी। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार सोमवार को जैसे ही स्थल पहुंचे, वहां पसरा सन्नाटा और अधूरा निर्माण देखकर हैरान रह गए।

यह परियोजना दिसंबर 2025 तक पूरी कर स्कूल को सौंपे जाने की थी। लेकिन भवन का आधा हिस्सा भी पूरा नहीं हुआ। कई दीवारों पर प्लास्टर झड़ चुका है, कुछ कमरों की छत कच्ची हालत में है और परिसर में महीनों से किसी भी तरह की गतिविधि नहीं दिखती।

ठेकेदार व अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप

पेरियार ने कहा कि यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि सरकारी धन की बंदरबांट का गंभीर संकेत है। “करोड़ों की परियोजना यूं ही अधूरी छोड़ दी गई है। यह शिक्षा व्यवस्था के साथ मज़ाक है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। कई जगह इस्तेमाल की गई सामग्री मानक के अनुरूप नहीं लगती। यदि इस भवन को ऐसे ही बच्चों के हवाले किया जाए, तो यह सुरक्षा के लिहाज़ से भी बड़ा जोखिम होगा।

उपायुक्त से कड़ी कार्रवाई की मांग

रामहरि पेरियार ने मौके से ही सोशल मीडिया पर उपायुक्त चंदन कुमार को टैग करते हुए तेज़ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि परियोजना का तकनीकी ऑडिट तुरंत कराया जाए और पता लगाया जाए कि करोड़ों रुपये कहां खर्च हुए।

उन्होंने मांग की कि—
• अब तक किए गए सभी बिलों की जांच हो
• ठेका प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की जाए
• अनियमितता साबित होने पर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हो

जन आंदोलन की चेतावनी

उन्होंने साफ संकेत दिए कि यदि एक निश्चित समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन जनहित में सड़क पर उतरेगा—हस्ताक्षर अभियान से लेकर जन-अधिकार मार्च और कानूनी कार्रवाई तक सब विकल्प खुले हैं।

तांतनगर के लोग भी इस मुद्दे को लेकर नाराज़ दिख रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रावास पूरा होता तो सैकड़ों बच्चों को रहने और पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिलती, लेकिन भ्रष्टाचार ने परियोजना को बीच रास्ते रोक दिया।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram