Chaibasa News: नगर परिषद चाईबासा में शनिवार को स्वनिधि संकल्प अभियान को लेकर अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रशासक संतोषिनी मुर्मू ने की। इस दौरान शहर के सभी प्रमुख बैंक शाखाओं के प्रबंधक, नगर मिशन प्रबंधक और सामुदायिक संगठन से जुड़े वर्कर मौजूद थे। बैठक का मकसद था- स्वनिधि योजना के काम में आ रही दिक्कतों को समझना और तय समय सीमा में लक्ष्यों को पूरा करना।

डिजिटल इनएक्टिव वेंडर्स पर चर्चा तेज

बैठक की शुरुआत डिजिटल तौर पर निष्क्रिय हो चुके वेंडर्स की स्थिति से हुई। बैंकों ने बताया कि छह महीने तक यूपीआई आईडी का इस्तेमाल न करने से कई वेंडर्स की आईडी अपने आप डीएक्टिव हो गई है। इस पर प्रशासक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन आईडी को तुरंत सक्रिय कराया जाए और अगले छह महीनों तक नियमित डिजिटल भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। अधिकारियों ने कहा कि वेंडर्स को डिजिटल लेनदेन की आदत डालना अभियान की सफलता का सबसे जरूरी हिस्सा है।

ऋण आवेदनों के वितरण पर सख्त समय सीमा

बैठक में उन सभी ऋण आवेदनों पर भी चर्चा हुई जिन्हें लाभुक से संपर्क न होने के कारण पोर्टल पर वापस भेज दिया गया था। प्रशासक ने बैंकों को निर्देश दिया कि इन्हें दुबारा समन्वय बनाकर 2 दिसंबर से पहले-पहले हर हाल में वितरित कर दिया जाए। लंबित पिकअप श्रेणी के आवेदन भी इसी तारीख तक निपटाने को कहा गया। बैंक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

बेहतर समन्वय के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप का निर्देश

अभियान की प्रगति में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए प्रशासक ने नगर मिशन प्रबंधक को सभी बैंक शाखाओं के साथ एक संयुक्त व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया। इससे जरूरी सूचनाएं तुरंत साझा होंगी और किसी भी मामले में फॉलो-अप तेज हो सकेगा।

बैठक में इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक के प्रबंधक मौजूद रहे। अधिकारियों और बैंक टीम ने मिलकर संकल्प लिया कि स्वनिधि संकल्प अभियान को समय पर और बेहतर परिणामों के साथ पूरा किया जाएगा।

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