रांची: राजधानी रांची में संचालित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों पर रांची नगर निगम ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा Civil Appeal No- 14604 of 2024 एवं 14605 of 2024 में पारित महत्वपूर्ण निर्देशों के आलोक में नगर निगम की नगर निवेश शाखा ने 25 अगस्त 2026 को शहर के 20 प्रमुख कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि स्वीकृत भवन मानचित्र (Approved Map) के विपरीत या बिना अनुमति के किया गया निर्माण पूरी तरह से अनाधिकृत श्रेणी में आता है। केवल समय बीत जाने से कोई अवैध निर्माण वैध नहीं हो जाता। अदालत ने निर्देश दिया है कि अनाधिकृत भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए ट्रेड लाइसेंस या स्वीकृति नहीं दी जानी चाहिए। इसी आधार पर निगम ने बिना नक्शे, बिना ट्रेड लाइसेंस या आवासीय परिसर का व्यावसायिक उपयोग करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। इसलिए कोचिंग संस्थानों में फायर एग्जिट, वैध फायर NOC और अग्नि सुरक्षा के निर्धारित मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान और भवन को सील (Sealing) करने की कार्रवाई की जाएगी।
इन संस्थानों को जारी हुआ है नोटिस:
- लालपुर हरिओम टावर: न्यूटन ट्यूटोरियल, समर्थ एकेडमी, फिटजी।
- ली डिजाइन कॉम्प्लेक्स: विजन आईएस, इटरनल करियर क्लासेस, कैड डिजाइन स्कूल, स्काई टेक एविएशन, मेंटर्स एडुसर्व, केडी लाइब्रेरी, भंवर राठौड़ डिजाइन स्टूडियो।
- ईस्ट जेल रोड: वीएमएस लाइब्रेरी, प्रेरणा इंस्टीट्यूट, इनसाइट लाइब्रेरी, प्रसाद एंड विनायक लाइब्रेरी, मेटा विजन एकेडमी, परफेक्ट ट्यूटोरियल, एक्सेल एनसीआईएएस, किरण एकेडमी, एग्जाम फाइटर।
- थड़पखना एवं सर्कुलर रोड: भविष्य भारती।
नोटिस जारी होने के बाद सभी संस्थानों से स्वीकृत नक्शा, ट्रेड लाइसेंस, भवन उपयोग अनुमति और फायर सुरक्षा प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। नगर निगम ने सभी कोचिंग संचालकों और भवन स्वामियों से अपील की है कि वे सुरक्षा और कानूनी दस्तावेजों को तुरंत दुरुस्त करें, अन्यथा नियम उल्लंघन पर विधि-सम्मत सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।





