Koderama News:  श्रीनगर के निशात करपुरा में नाका ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ जवान सुजीत का शव शुक्रवार को ताबूत में बंद व तिरंगे से लिपटकर जिले के देवीपुर गांव पहुंचा। जैसे ही वाहन गांव के प्रमुख द्वार पर रुका जन सैलाब उमड़ पाड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं सहित हजारों की संख्या में लोग सुजीत के अंतिम दर्शन को पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। गांव के लोगों ने बताया कि सुजीत बचपन से ही शांत स्वभाव के थे और देश सेवा का जज्बा उन में कूट-कूट कर भरा हुआ था। उनके ताबूत को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई। गांव के मुख्य मार्ग से अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें जन समुदाय कंधा मिलाकर चल रहे थे। सुजीत अमर रहे,भारत माता की जय के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। अंतिम संस्कार स्थल धोबिया डीह स्थित नदी के मुक्तिधाम पर सुरक्षा बलों की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सलामी दी। उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि सुजीत सिर्फ एक जवान नहीं थे बल्कि क्षेत्र का गौरव थे। उनके बड़े भाई विकास कुमार सिंह भी सीआरपीएफ के जवान हैं। सुजीत के अंतिम यात्रा में जिप अध्यक्ष रामधन यादव, एसडीपीओ अनिल सिंह, बीडीओ हुलास महतो, सीओ परमेश्वर कुशवाहा, थाना प्रभारी सुमन कुमार, प्रखण्ड प्रमुख बिजय कुमार सिंह, पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता, भाजपा नेता राजकुमार यादव, बिजय यादव, कैलाश यादव, मुखिया बेदू साव, पूर्व मुखिया राजीव पांडेय, मनोज सिंह, राजद के महेंद्र यादव, यमुना यादव समेत कई गणमान्य व ग्रामीण मौजूद थे। इस दौरान सीआरपीएफ के अधिकारी सुशांत व जितेंद्र सिंह से सुजीत की मौत के बारे मे पूछे जाने पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

Share.
Exit mobile version