Koderama News: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नालसा एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति द्वारा चलाये जा रहे विशेष मध्यस्थता अभियान (मेडीएसन फॉर द नेशन) कार्यक्रम 2.0 के सफलता पूर्वक संचालन को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में व्यवहार न्यायालय में 02 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक विशेष मध्यस्थता अभियान की शुरूआत की गई है । इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोडरमा सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रमाकान्त मिश्रा के कुशल मार्ग दर्शन में एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार के नेतृत्व में पुरे जिले में पारा लीगल वोलेनटियर सहित अन्य स्टेक होल्डर्स के द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है ।
इस आशय की जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नालसा एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति द्वारा चलाये जा रहे विशेष मध्यस्थता अभियान (मेडीएसन फॉर द नेशन) कार्यक्रम 2.0 के सफलता पूर्वक संचालन को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में व्यवहार न्यायालय में 02 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक विशेष मध्यस्थता अभियान की शुरूआत की गई है । यह राष्ट्रव्यापी अभियान राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण, सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति द्वारा शुरू किया गया है । अभियान के तहत जिला एवं अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार, जिला अदालत से लेकर उच्च न्यायालयों तक समझौता के लिए सभी उपयुक्त मामलो को निपटाने का प्रयास किया जायेगा ।
जिसमे मध्यस्थता के लिए पात्र लंबित मामलो में दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा मामले, चेक बाउंस मामले, सर्विस मोटर, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद मामले , ऋण वसूली मामले, विभाजन मामले, बेदखली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, अन्य उपयुक्त सिविल मामले, राजस्व प्रकरण सहित अन्य मामले शामिल है । मध्यस्थता का लाभ प्राप्त करने के हेतु जिस न्यायालय में मामला लंबित हो वहा प्रस्तुत कर सकते है । जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता अभियान को शुरू किया गया । इस अभियान का उदेश्य अदालतों में लंबित मामलो को सुलझाना और विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता को बढ़ावा देना है । उन्होंने आम लोगो से अपील की है कि जिनके भी मामले न्यायालय में लंबित है वे सुलह समझोता के माध्यम से अपने मामलो का निष्पादन मध्यस्थता के माध्यम से कराकर इस अवसर का लाभ उठा सकते है ।



