Singapore: सिंगापुर के गृह मंत्री के. शनमुगम ने सोशल मीडिया पर भारतीय समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही नस्लीय और बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में चीन व नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और एयर इंडिया में एक निवेश के फैसले को जोड़कर कुछ असामाजिक तत्वों ने इंटरनेट पर घटिया और नस्लीय टिप्पणियां की हैं। गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस इन टिप्पणियों की गहनता से जांच करे ताकि नफरत फैलाने वालों को बेनकाब किया जा सके। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे लोगों को इंटरनेट की गुमनामी के पीछे छिपने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी और पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल त्रासदी के दौरान भी की गईं शर्मनाक टिप्पणियां
गृह मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि नेपाल में आई भयानक प्राकृतिक आपदा में 1000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अब भी लापता हैं, जिनमें सिंगापुर के नागरिक भी शामिल थे। इस मानवीय संकट के समय भी कुछ लोगों ने लापता नागरिकों को लेकर बेहद असंवेदनशील और नस्लीय बातें लिखीं, जो मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने साफ किया कि मुट्ठी भर लोगों की ऐसी संकीर्ण सोच पूरे देश की भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करती। सिंगापुर रेड क्रॉस ने नेपाल में राहत कार्यों के लिए 30 लाख सिंगापुर डॉलर से अधिक जुटाकर यह साबित किया है कि देश के लोग संकट के समय हमेशा एकजुट होकर मदद के लिए खड़े रहते हैं।
एयर इंडिया निवेश पर ‘सांप और काला जादू’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल
एयर इंडिया में एक रणनीतिक निवेश के मुद्दे पर भी सोशल मीडिया पर भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत की नई लहर देखी गई। के. शनमुगम ने बताया कि कुछ लोगों ने भारतीयों को लेकर ‘सांप’, ‘करी’, ‘पराठा’ और ‘काला जादू’ जैसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी जातीय पृष्ठभूमि के कारण निशाना बनाया गया और यह बेबुनियाद आरोप लगाया गया कि उन्होंने भारतीय मूल का होने के कारण एयर इंडिया के पक्ष में फैसला लिया।
गृह मंत्री ने इस सोच को पूरी तरह खारिज और निंदनीय बताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी सिंगापुर में ही जन्मे, यहीं पले-बढ़े, शिक्षित हुए और पूरी तरह से सिंगापुरवासी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी जातीयता के आधार पर निशाना बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।




