Patna: सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय की ओर से प्रकाशित ‘सेवा यात्रा संगिनी’ पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह पुस्तक अनुशासनिक कार्रवाई संबंधी नियमों की जटिलता को आसान बनाएगी और सरकारी सेवकों के खिलाफ होने वाली जांच व कार्रवाइयों में नैसर्गिक न्याय सुनिश्चित करेगी।
नियम-पुस्तिकाओं के अभाव में आती हैं बाधाएं
मुख्य सचिवालय के सभागार में आयोजित विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी सेवा में नियम-पुस्तिकाओं और संबंधित धाराओं की समय पर उपलब्धता न होने से अक्सर कामकाज में बाधाएं आती हैं। उन्होंने इस प्रयास के लिए महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सरकारी कर्मियों के ज्ञान और कार्यक्षमता को बढ़ाने में बेहद मददगार सिद्ध होगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि पुस्तक की सॉफ्ट कॉपी सभी विभागों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी आवश्यकतानुसार इसकी प्रतियां मुद्रित कराकर कर्मियों तक पहुंचा सकें।
सीसीए नियमावली को समेकित कर बनाई गई गाइड
समारोह में महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पदभार संभालने के बाद उन्होंने पाया कि कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रक्रियाओं में अक्सर गलतियां होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील (सीसीए) नियमावली 2005 के सभी प्रावधानों को समेकित किया गया है। विभाग अब तक 7 पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है और ‘सेवा यात्रा संगिनी’ इस श्रृंखला की 8वीं कड़ी है। उन्होंने बताया कि पुलिस, कृषि और श्रम समेत कई विभागों के अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है और मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सतीश कुमार तिवारी, भगवान दास साहू और शालिग्राम पांडेय को स्थायी नियुक्ति दी गई है।
पुलिस और प्रशासन के लिए मील का पत्थर: डीजीपी
कार्यक्रम में डीजीपी विनय कुमार ने निदेशालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभागीय कार्रवाई के शुरुआती चरण से लेकर कोर्ट में लंबित याचिकाओं के निपटारे तक यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी। इससे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को पारदर्शी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने अतिथियों का स्वागत किया और पुस्तक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।





