सरायकेला। सीनी मोड़ टेम्पो स्टैंड पर वर्ष 2016 में हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े अवैध हथियार मामले में सरायकेला जिला न्यायालय ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को तीन वर्ष का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने ग्वाला सिंह बांकिरा और गोविन्द हाईबुरु को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया।

11 मई 2016 को मामले के वादी और तत्कालीन थाना प्रभारी उप-निरीक्षक विनोद कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि सीनी मोड़ टेम्पो स्टैंड के पास खड़ी एक बोलेरो (BR16N2111) में अवैध हथियार मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम का गठन हुआ और मौके पर छापेमारी की गई। तलाशी में वाहन में बैठे ग्वाला सिंह बांकिरा की कमर से 12 बोर का एक अवैध देसी कट्टा और उसकी पैंट की जेब से तीन जिंदा गोलियां बरामद की गईं। वहीं दूसरे अभियुक्त गोविन्द हाईबुरु की जेब से 315 बोर की तीन जिंदा गोलियां मिलीं। बरामदगी के तुरंत बाद दोनों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया और उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

इस कांड की जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन पुलिस उप-निरीक्षक अनुप कुमार सिंह को दी गई थी। बरामद हथियारों की जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को अदालत में पेश किया गया। लंबी सुनवाई के दौरान यह सिद्ध हुआ कि दोनों अभियुक्त अवैध हथियार रखने के अपराध में दोषी हैं। अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों को पर्याप्त मानते हुए दोनों को सजा सुनाई।

राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक देव प्रताप तिवारी ने मुकदमे की प्रभावी पैरवी की और अदालत को बताया कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह विधिसम्मत और साक्ष्यों पर आधारित थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए अपने निर्णय में कहा कि अवैध हथियारों का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए कठोर सजा आवश्यक है।

सजा की घोषणा के बाद दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वे निर्धारित जुर्माना राशि समय पर जमा करें।

Share.
Exit mobile version