Sana,Yemen: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको (Aramco) के मुख्यालय पर एक बड़ा हमला किया है, जिससे वहां के वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तरों को काफी नुकसान पहुंचा है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के इस्तेमाल वाली इमारत की ऊपरी तीन मंजिलें इस हमले में क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का कार्यालय भी शामिल है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
हूती विद्रोहियों का दावा और क्षेत्रीय तनाव
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग करके धहरान (Dhahran) को निशाना बनाया, जहां सऊदी अरामको का मुख्य मुख्यालय स्थित है। इससे ठीक एक दिन पहले बुधवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी जोरदार धमाके सुने गए थे, जिसके लिए स्थानीय निवासियों ने यमन के इन ईरान समर्थित विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने जानकारी दी है कि उसने धहरान की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल के साथ-साथ रियाद को निशाना बनाने वाली क्रूज मिसाइलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही रोक दिया। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने इन हमलों को यमन की राजधानी सना और उनके कब्जे वाले अन्य इलाकों पर सऊदी अरब की आक्रामकता का सीधा जवाब बताया है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर मंडराता खतरा और सैन्य चुनौतियां
सऊदी अरब के संवेदनशील और सामरिक प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रहे इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में गहरी चिंता फैल गई है। अमेरिका के प्रमुख सहयोगी माने जाने वाले सऊदी अरब पर इन हमलों के कारण सुरक्षा का दबाव काफी बढ़ गया है।
हथियारों और रक्षा प्रणाली की चुनौती: दुनिया में अमेरिकी हथियारों के सबसे बड़े खरीदार होने के बावजूद, सऊदी अरब के सामने मिसाइलों और ड्रोन हमलों को पूरी तरह रोकने वाली रक्षा प्रणालियों की कमी महसूस हो रही है। यही वजह है कि उसने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से अतिरिक्त सैन्य सहायता की मांग की है।
कूटनीतिक प्रयास और हवाई यातायात पर असर: हूती विद्रोहियों के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य ने बताया है कि रूस, चीन और ओमान सहित कई क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय शक्तियां संघर्षविराम समझौते के लिए प्रयास कर रही हैं और उन्होंने विद्रोहियों से संपर्क भी किया है। हालांकि, विद्रोहियों ने हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रखने की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ, बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के चलते पिछले एक सप्ताह के दौरान सऊदी अरब के विभिन्न हवाई अड्डों से रवाना होने वाली तीन हजार से अधिक उड़ानें या तो रद्द कर दी गई हैं या उनका संचालन रोक दिया गया है, जिससे हवाई क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी का माहौल है।





