अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
East Singhbhum : झारखंड में कोयले के अवैध खनन और व्यापार पर एक बार फिर सियासी घमासान के आसार हैं। विधायक एवं विधानसभा प्रत्यायुक्त समिति के चेयरमैन सरयू राय ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक विस्तृत पत्र लिखकर बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल में तेजी से बढ़ रहे कोयले के अवैध कारोबार की शिकायत की है।
सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि स्थानीय नागरिक पिछले कई महीनों से इस धंधे की जानकारी जिला प्रशासन, पुलिस और सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) के अधिकारियों को दे रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में कोयला माफियाओं का मनोबल दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेंक नारायणपुर, नावाडीह, दुग्धा, पेटरवार, बोकारो थर्मल, कथारा ओपी और तेनुघाट ओपी क्षेत्र में बाइक, वैन, ट्रैक्टर और ट्रकों के जरिए कोयले की खुलेआम अवैध ढुलाई हो रही है।
राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह अवैध व्यापार अब थाना स्तर से आगे बढ़कर संगठित गिरोहों के नियंत्रण में चला गया है, जो पुलिस अधिकारियों तक को धमकाने से नहीं चूक रहे। उन्होंने कहा कि कई थानों के पुलिस पदाधिकारियों की मौन सहमति के कारण यह कारोबार फल-फूल रहा है।
अपने पत्र में सरयू राय ने बताया कि यह अवैध खनन और कोयले की ढुलाई न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर रही है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही है। नावाडीह, पेंक नारायणपुर, पेटरवार और गिरिडीह की सीमावर्ती इलाकों में कई कोयला फैक्ट्रियां खुले आसमान के नीचे कोयला पोड़ने का काम कर रही हैं। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड और धूल प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
राय ने यह भी खुलासा किया कि सीसीएल के बी एंड के, कथारा, ढोरी एरिया और बंद पड़ी खदानों से कोयले की चोरी कर तस्करी की जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं के मुताबिक, अवैध कोयला परिवहन के लिए मोटरसाइकिल से प्रति माह तीन हजार रुपये, वैन से 50 से 60 हजार रुपये और ट्रैक्टर से एक हजार रुपये तक वसूले जाते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस संगठित अवैध कारोबार पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी दल भेजने की भी मांग की है।

