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संतोष कुमार बनाम ईडी अधिकारी: मारपीट के आरोपों ने मचाया प्रशासनिक हड़कंप

रांची। झारखंड की राजधानी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस के बीच टकराव की स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई, जब पेयजल विभाग के क्लर्क संतोष कुमार ने ईडी के दो अधिकारियों पर कार्यालय परिसर में बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया।

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रांची। झारखंड की राजधानी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस के बीच टकराव की स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई, जब पेयजल विभाग के क्लर्क संतोष कुमार ने ईडी के दो अधिकारियों पर कार्यालय परिसर में बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया। इस मामले में रांची पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर गुरुवार सुबह एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि ईडी के सहायक निदेशक (द्वितीय) प्रतीक और सहायक शुभम ने 12 जनवरी को उन्हें हिनू स्थित ईडी कार्यालय बुलाकर उनके साथ गाली-गलौज की और जबरन आरोप स्वीकार कराने का दबाव बनाया। संतोष के अनुसार, दोपहर करीब 1:35 बजे जैसे ही वे अधिकारी के कक्ष में पहुंचे, उनसे कथित रूप से स्वीकारोक्ति कराने की कोशिश की गई। इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा।

पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान अधिकारियों ने जान से मारने जैसी धमकी भी दी। घायल अवस्था में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर छह टांके लगाए गए। संतोष कुमार का दावा है कि अस्पताल में भी उन पर दबाव बनाया गया कि वे डॉक्टर को चोट लगने की असली वजह न बताएं।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इलाज के बाद उन्हें दोबारा ईडी कार्यालय लाया गया, जहां उनका खून से सना टी-शर्ट उतरवाकर दूसरा टी-शर्ट पहनाया गया। पीड़ित के अनुसार, उनसे एक कथित ‘इंसिडेंट रिपोर्ट’ पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और पढ़ने तक का मौका नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, मीडिया, पुलिस या वकील से संपर्क करने पर उनकी पत्नी और बच्चों को जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

संतोष कुमार की शिकायत के आधार पर एयरपोर्ट थाना में कांड संख्या 05/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद रांची पुलिस की टीम ईडी कार्यालय पहुंची और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की।

हालांकि, इस पूरे मामले में ईडी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है ईडी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि संतोष कुमार को कोई समन जारी नहीं किया गया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर खुद शीशे की बोतल से अपने सिर पर वार किया। ईडी का दावा है कि अधिकारियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया और इलाज कराया। बाद में संतोष ने हाइपरटेंशन और बीपी की समस्या का हवाला देते हुए खुद को चोट पहुंचाने की बात लिखित रूप में दी।

ईडी सूत्रों के अनुसार, विभाग इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और राज्य की राजनीति व प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।

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