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यूजीसी रेगुलेशन-2026 पर बवाल, जमशेदपुर में करणी सेना सड़कों पर

Jamshedpur news: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी नई गाइडलाइन्स यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच जमशेदपुर में भी असंतोष खुलकर सामने आया। मंगलवार को क्षत्रिय करणी सेना के सदस्यों ने जमशेदपुर जिला मुख्यालय पहुंचकर इस नई अधिसूचना के खिलाफ

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Jamshedpur news: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी नई गाइडलाइन्स यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच जमशेदपुर में भी असंतोष खुलकर सामने आया। मंगलवार को क्षत्रिय करणी सेना के सदस्यों ने जमशेदपुर जिला मुख्यालय पहुंचकर इस नई अधिसूचना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे भेदभावपूर्ण करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए करणी सेना के प्रदेश सचिव कमलेश सिंह ने केंद्र सरकार और यूजीसी की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रस्तावित इक्विटी कमेटियों का गठन भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था समानता के अधिकार को कमजोर करती है और छात्रों के बीच असंतुलन पैदा कर सकती है।

कमलेश सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14, 15 और 21 सभी नागरिकों को समानता और गरिमा का अधिकार देता है, लेकिन यूजीसी रेगुलेशन-2026 में केवल एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर जोर दिया गया है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में अप्रत्यक्ष भेदभाव की संज्ञा दी।

करणी सेना का कहना है कि अधिसूचना के अनुसार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों का गठन करना होगा, जिन्हें छात्रों की शिकायतों की जांच और उस पर कार्रवाई का विशेष अधिकार दिया जाएगा। संगठन का आरोप है कि इस तरह की व्यवस्था से शिक्षण संस्थानों में समान अवसर के सिद्धांत को नुकसान पहुंचेगा और जातिगत आधार पर विभाजन को बढ़ावा मिलेगा।

संगठन ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि यूजीसी रेगुलेशन-2026 को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। करणी सेना का कहना है कि किसी भी नीति को लागू करने से पहले सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए, ताकि एक संतुलित और संविधानसम्मत व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

डीसी ऑफिस परिसर में हुए इस प्रदर्शन में करणी सेना के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में कमलेश सिंह के साथ महित सिंह, हरि सिंह, संजय सिंह, रंजन सिंह, अंकित सिंह, अभिषेक सिंह, संसे सिंह, राज सिंह, शुभम सिन्हा, सौरव शर्मा, विक्की सिंह, वैठय सिंह और अनुराग पासानेन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत आधार पर विभाजन करने वाली किसी भी नीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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