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ऋषिकेश में भारी बवाल: सर्वे के विरोध में पथराव, ट्रेनें रोकीं, पुलिस को खदेड़ा!

India News: तीर्थनगरी ऋषिकेश के अमितग्राम और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से चल रही वन भूमि की पैमाइश (सर्वे) ने रविवार को हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। अपनी छत छिनने के डर से आक्रोशित हजारों लोगों ने न सिर्फ हाईवे पर कब्जा

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India News: तीर्थनगरी ऋषिकेश के अमितग्राम और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से चल रही वन भूमि की पैमाइश (सर्वे) ने रविवार को हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। अपनी छत छिनने के डर से आक्रोशित हजारों लोगों ने न सिर्फ हाईवे पर कब्जा कर लिया, बल्कि ऋषिकेश-हरिद्वार रेलवे ट्रैक को भी पूरी तरह ठप कर दिया। हालात तब बेकाबू हो गए जब जाम खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर भीड़ ने ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

सर्वे की ‘नापती’ से भड़का जनता का गुस्सा

प्रशासन का तर्क है कि वह वन विभाग की भूमि का सीमांकन कर रहा है, लेकिन स्थानीय निवासियों का दर्द कुछ और ही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर यहाँ प्लॉट खरीदे और मकान बनाए हैं, अब अचानक उन्हें बेदखल करने की साजिश रची जा रही है। इसी डर और नाराजगी के चलते रविवार को भीड़ मनसा देवी तिराहे पर रेलवे ट्रैक पर बैठ गई, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

पुलिस को खदेड़ा, हाईवे तक हुआ पथराव

जब जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के जवान ट्रैक खाली कराने पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। देखते ही देखते भीड़ हिंसक हो गई और पुलिस पर पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। पत्थरबाजी इतनी भीषण थी कि पुलिस के जवानों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे भागना पड़ा। उपद्रवियों ने पुलिस को रेलवे ट्रैक से खदेड़ते हुए हाईवे तक पहुँचा दिया। इस दौरान ऋषिकेश की सीओ डॉ. पूर्णिमा गर्ग बाल-बाल बचीं, लेकिन पांच अन्य जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। करीब एक घंटे तक चले इस ‘गुरिल्ला युद्ध’ जैसे मंजर से हाईवे पर भी अफरा-तफरी मची रही।

यात्री परेशान: बीच रास्ते में खड़ी रहीं ट्रेनें

इस बवाल का सबसे बुरा असर रेल सेवाओं पर पड़ा। ऋषिकेश आने वाली चंदौसी पैसेंजर को हरिद्वार से ही वापस लौटा दिया गया, जबकि योगा एक्सप्रेस स्टेशन पर ही खड़ी रही। बाड़मेर एक्सप्रेस और गंगा नगर एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी विभिन्न स्टेशनों और फाटकों के पास घंटों खड़ी रहीं। ट्रेनों में सवार यात्री, जिनमें कई बाहरी राज्यों के पर्यटक थे, इस पत्थरबाजी और हंगामे को देखकर दहशत में आ गए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को कड़ाके की ठंड के बीच घंटों बिना सुविधाओं के ट्रेनों में इंतजार करना पड़ा।

एसएसपी का फ्लैग मार्च, स्थिति अब नियंत्रण में

शाम करीब छह बजे एसएसपी अजय सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया। एसएसपी ने खुद अमितग्राम और बवाल वाले क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया ताकि स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके। फिलहाल रेलवे ट्रैक और हाईवे को सुचारू कर दिया गया है। पुलिस ने पत्थरबाजों की पहचान शुरू कर दी है और स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।

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