Jamtara: झारखंड की सियासत में इन दिनों शब्दों की मर्यादा और दावों की जंग चरम पर है। ताजा मामला स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खोलने का दावा किया था। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता और पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने बेहद तल्ख टिप्पणी की है।
“कांके में भी नहीं है इलाज”: रणधीर सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘मानसिक रोगी’ करार दे दिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “मंत्री जी मानसिक रूप से अस्वस्थ हो चुके हैं। उनकी हालत ऐसी है कि रांची के कांके (पागलखाना) में भी उनका इलाज संभव नहीं है, अब उन्हें राज्य से बाहर जाकर अपना इलाज कराना चाहिए।”
केंद्र की योजना, राज्य का दावा?: विवाद की जड़ मेडिकल कॉलेजों का श्रेय लेने की होड़ है। रणधीर सिंह का आरोप है कि जामताड़ा, साहिबगंज और देवघर समेत झारखंड को मिले 6 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह केंद्र सरकार की देन हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए केंद्र की योजनाओं पर अपना ठप्पा लगाने की कोशिश कर रही है।
मेझिया में कॉलेज बनाने पर भी आपत्ति: अस्पताल की लोकेशन को लेकर भी पूर्व मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जामताड़ा का मेडिकल कॉलेज शहर से दूर मेझिया में बनाया जा रहा है, जिससे आम जनता को मुश्किल होगी। इसे शहर के करीब होना चाहिए था ताकि स्थानीय लोगों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
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इस बयान के बाद अब जामताड़ा की राजनीति में उबाल आ गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि डॉ. इरफान अंसारी की ओर से भी जल्द ही इसका पलटवार देखने को मिलेगा।



