Ranchi News: रांची सिविल कोर्ट स्थित पोक्सो (POCSO) न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण और सख्त फैसला सुनाते हुए नाबालिग से लगातार दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सज़ा दी है। यह फैसला यौन अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका के कड़े रुख को दर्शाता है।
दोषी की पहचान सोनाहातू थाना क्षेत्र के निवासी नव किशोर सिंह मुंडा उर्फ मनीष किशोर उर्फ नाबो के रूप में हुई है।
न्यायालय ने जेल में बंद अभियुक्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह सज़ा सुनाई। अदालत ने पोक्सो अधिनियम की धारा 4(2) और धारा 6 के तहत अभियुक्त को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ-साथ प्रत्येक धारा के लिए ₹25-25 हजार रुपये (कुल ₹50,000) जुर्माने की सज़ा दी है।
जुर्माना न भरने पर कटेगी अतिरिक्त सज़ा
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी यह जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक धारा के लिए छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आदेश दिया है कि सभी सज़ाएं एक साथ चलेंगी, जो पीड़िता और उसके परिवार के लिए एक बड़ी राहत है।
यह मामला नवंबर 2023 में तब प्रकाश में आया, जब पीड़िता ने सोनाहातू थाना में अभियुक्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में यह सामने आया था कि दुष्कर्म की घटना करीब 10 महीने पहले से लगातार चल रही थी।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी बात सिद्ध करने के लिए कुल 10 गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। गवाहों के बयानों और प्रस्तुत किए गए मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नव किशोर सिंह मुंडा को नाबालिग के गंभीर यौन शोषण का दोषी पाया। यह फैसला समाज में ऐसे घिनौने अपराधों को रोकने की दिशा में एक कड़ा संदेश देता है।



