फॉण्ट कनवर्टर NEW

रांची नगर निगम चुनाव 2026: 53 वार्डों में महासंग्राम, जानें आपके बूथ का हाल!

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में नगर निकाय चुनाव 2026 की घोषणा होते ही सियासी पारा चढ़ गया है। गलियों से लेकर चौराहों तक अब सिर्फ भावी प्रत्याशियों की चर्चा है। रांची के कुल 53 वार्डों में इस बार चुनावी घमासान देखने

अपनी भाषा में पढ़ें

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में नगर निकाय चुनाव 2026 की घोषणा होते ही सियासी पारा चढ़ गया है। गलियों से लेकर चौराहों तक अब सिर्फ भावी प्रत्याशियों की चर्चा है। रांची के कुल 53 वार्डों में इस बार चुनावी घमासान देखने को मिलेगा, जहाँ मतदाता अपने शहर की सरकार चुनेंगे। प्रशासन ने भी कमर कस ली है और निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

909 मतदान केंद्रों पर वोटिंग: सुरक्षा के कड़े पहरे में होगा मतदान

चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची में कुल 909 मतदान केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा के लिहाज से इन केंद्रों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 271 सामान्य बूथ हैं, जबकि 510 केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। सबसे ज्यादा ध्यान उन 128 केंद्रों पर रहेगा जिन्हें अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। इन इलाकों में प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है ताकि लोकतंत्र का यह उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

चुनाव का बजट: मेयर और पार्षद कितना कर सकेंगे खर्च?

प्रत्याशियों के लिए इस बार अपनी जेब ढीली करने की भी एक सीमा तय कर दी गई है। चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख से अधिक है (जैसे रांची), वहां मेयर पद के प्रत्याशी अधिकतम 25 लाख रुपये और वार्ड पार्षद 5 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। वहीं, 10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों में मेयर के लिए 15 लाख और पार्षद के लिए 3 लाख की सीमा तय की गई है। यह नियम प्रत्याशियों के बीच फिजूलखर्ची रोकने और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

इन 9 नगर निगमों में मचेगा चुनावी शोर

झारखंड के विकास की कमान इस बार 9 बड़े नगर निगमों के हाथ में होगी। रांची के साथ-साथ मेदिनीनगर, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, चास, आदित्यपुर और मानगो में चुनावी शोर सुनाई देगा। इन क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है और डोर-टू-डोर कैंपेन के जरिए जनता को लुभाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

इस खबर को भी पढ़ें : झारखंड में कब होंगे निकाय चुनाव? वार्डों में बदलाव पर बड़ा अपडेट

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram