रांची: पर्यावरण संरक्षण और प्रतिबंधित पॉलीथिन के इस्तेमाल को कम करने के लिए रांची नगर निगम ने नई पहल शुरू की है। निगम ने नागा बाबा सब्जी बाजार में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग बनाने की इकाई स्थापित की है। शुक्रवार को महापौर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार ने इसका उद्घाटन किया।
इस इकाई का संचालन एरिया लेवल फेडरेशन (ALF) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य करेंगी। महिलाएं पॉलीबैग बनाने से लेकर उसके संचालन और बिक्री तक की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे उन्हें रोजगार और आय का अवसर मिलेगा और उनके उद्यमिता व प्रबंधन कौशल को भी बढ़ावा मिलेगा।
हर घंटे 40 किलो पॉलीबैग का उत्पादन
इकाई में PVAT और Filler का इस्तेमाल 7:3 के अनुपात में किया जाएगा। मशीन की उत्पादन क्षमता करीब 40 किलोग्राम पॉलीबैग प्रति घंटे है।
नगर निगम के अनुसार, एक किलो पॉलीबैग बनाने की लागत करीब 140 रुपये आएगी, जबकि इसका संभावित बिक्री मूल्य 160 रुपये प्रति किलो रखा गया है। इस तरह प्रति किलो करीब 20 रुपये का संभावित अधिशेष होगा। 40 किलो प्रति घंटे के उत्पादन पर करीब 6,400 रुपये की बिक्री और 800 रुपये के संभावित अधिशेष का अनुमान है। वास्तविक आय उत्पादन और बिक्री पर निर्भर करेगी।
अन्य बाजारों में भी विस्तार की तैयारी
रांची नगर निगम ने इसे झारखंड में किसी नगर निकाय की पहली ऐसी पहल बताया है। निगम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना भी है। भविष्य में सफलता के आधार पर इस योजना को शहर के दूसरे बाजारों तक भी बढ़ाया जा सकता है।
नगर निगम ने लोगों से प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने और खरीदारी के लिए पर्यावरण अनुकूल व दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले बैग का उपयोग करने की अपील की है।
उद्घाटन के मौके पर नगर आयुक्त सुशांत गौरव, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




