Ranchi News: समाहरणालय सभागार गुरुवार को तब खास बन गया, जब उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। माहौल बिल्कुल स्पष्ट था- जिले के कामों में तेजी चाहिए और जनता से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता।

स्थापना दिवस पर खुशी, आगे काम की सख्ती

बैठक की शुरुआत उपायुक्त ने स्थापना दिवस के सफल आयोजन की सराहना करते हुए की। उन्होंने कहा कि इसी तरह तालमेल के साथ काम होंगे तो परिणाम भी अच्छे आएंगे। लेकिन इसी के साथ यह भी साफ कर दिया कि आगे की जिम्मेदारियां और बड़ी हैं।

‘आपकी सरकार आपके द्वार’- सीधे जनता तक सेवा

21 नवंबर से शुरू होने वाले इस बड़े अभियान को लेकर डीसी ने खास निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाली जनता के साथ एक भी कर्मचारी दुर्व्यवहार न करे। “संवेदनशीलता और पारदर्शिता- दोनों अनिवार्य हैं,” उन्होंने दो टूक कहा। सभी अधिकारियों को हिदायत दी गई कि दफ्तर समय पर खुलें, कर्मचारी अनुशासन में रहें, आई-कार्ड पहनें और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करें।

विकास योजनाओं की गहन समीक्षा

मनरेगा, जल जीवन मिशन, अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर- हर योजना की प्रगति की अलग-अलग समीक्षा की गई। कई विभागों को लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश मिला। राजस्व से जुड़े मामलों पर भी डीसी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन, लगान, दाखिल-खारिज और जमाबंदी सुधार के मामले अब और नहीं लटकेंगे।

शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जरूरत

जनता दर्शन और लोक सेवा गारंटी से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। डीसी ने साफ कहा कि “जनता की शिकायत का समाधान प्राथमिकता है, इसमें देरी नहीं चलेगी।” स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नजर

शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों की स्वच्छता स्थिति पर चर्चा हुई। अस्पतालों में दवाओं और सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। बैठक के आखिर में डीसी ने सभी विभागों को दोहराया- “जनहित के कामों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।” बैठक में डीडीसी सौरभ कुमार भुवनिया, एसडीओ उत्कर्ष कुमार, एडीएम, डीआरडीए निदेशक, योजना पदाधिकारी, जनसंपर्क पदाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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