Ranchi News: रांची जिले के विकास कार्यों में स्वावलंबन लाने और सरकारी खजाने को मजबूत करने के लिए रांची जिला प्रशासन अब ‘मिशन मोड’ में काम करेगा। समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में गुरुवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आंतरिक वित्तीय संसाधनों (Internal Financial Resources) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

राजस्व बढ़ाकर विकास को मिलेगी गति

बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री शुल्क, खनन रॉयल्टी, परिवहन शुल्क और संपत्ति कर जैसे आंतरिक स्रोतों से प्राप्त होने वाले राजस्व में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की मजबूती से न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी, बल्कि जनहित के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा सकेंगे।

अवैध खनन और टैक्स चोरी पर नकेल

बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  • खनन एवं परिवहन: अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और रॉयल्टी संग्रहण बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही परिवहन विभाग को ई-चालान प्रणाली को और सख्त करने का निर्देश दिया गया है।

  • रजिस्ट्री विभाग: डिजिटल रजिस्ट्री को बढ़ावा देने और जमीन के अवैध लेनदेन पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।

  • संपत्ति एवं जलकर: नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में बकाया टैक्स की वसूली के लिए सर्वेक्षण करने और डिफॉल्टरों पर कड़ी कार्रवाई (जुर्माना या कनेक्शन काटना) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल पेमेंट और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर जोर

प्रशासन अब राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देगा। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो राजस्व पोर्टल के माध्यम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी। उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को एक ठोस एक्शन प्लान तैयार करने और हर महीने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

बैठक में अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार और जिला खनन पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले के राजस्व संग्रह में बड़ी उछाल देखने को मिलेगी।

Share.
Exit mobile version