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Raidih (Gumla): रायडीह प्रखंड के चैनपुर–गुमला मुख्य मार्ग स्थित पुराना शंख घाट मोड़ के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पी.एन. मेहता नामक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों की चीख-पुकार से घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तत्काल मदद के लिए दौड़ पड़े।
हादसे में ठेठईटांगर निवासी एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों को स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रायडीह पहुंचाया। इलाज के क्रम में एक बच्चे शिवम केशरी ने भी दम तोड़ दिया। इस प्रकार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए।घायलों में सरस्वती देवी (28), मनीषा कुमारी (15), संध्या देवी (30), ज्योति केशरी (42), संगीता देवी (35), आर्यन केशरी (18), प्रशांत कुमार (22), कृष्णा बड़ाईक (25), सोमरा सिंह (45), अयोध्या प्रसाद केशरी (70), मीरा देवी (55), किशोर प्रसाद केशरी (50), राहुल केशरी (40), सुनेना देवी (60), सबिता केशरी (35), रूपा देवी (27), आरती देवी (31), शशि कुजूर (30), फुलकुमारी देवी (40), प्रियंका कुमारी (30), अनिता देवी (50) ठेठईठांगर तथा सुरेन्द्र ठाकुर (45) सहित अन्य शामिल हैं।
सभी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह में डॉ. राजीव कुमार एवं एएनएम टीम द्वारा किया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी अफरातफरी का माहौल रहा। स्थानीय ग्रामीणों, वाहन चालकों तथा रायडीह पुलिस के सहयोग से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे कई जिंदगियां बच सकीं।घटना की सूचना मिलते ही गुमला सिविल सर्जन के नेतृत्व में एंबुलेंस घटनास्थल के लिए रवाना की गई, लेकिन एंबुलेंस लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची।
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इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है।हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस के अनियंत्रित होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुराना शंख घाट मोड़ पर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने तथा नियमित ट्रैफिक निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

