Indore: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर युवाओं से सीधी बातचीत की। इस दौरान जब राहुल ने परीक्षाओं की स्थिति पर बात की, तो सामने बैठे छात्रों ने कहा कि वे सिस्टम से पूरी तरह हार चुके हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि व्यवस्था के भीतर बैठे कुछ भ्रष्ट लोग निजी मुनाफे के लालच में पेपर लीक कर रहे हैं, जिसका सीधा खामियाजा लाखों छात्रों को अपने भविष्य से चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज का युवा असमंजस और भारी दबाव में है क्योंकि उसे भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं रहा।
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‘सिस्टम के टॉप पर 6 लोग बैठे हैं’
कार्यक्रम में स्क्रीन पर स्लाइड दिखाते हुए राहुल गांधी ने केंद्र की सत्ता व्यवस्था पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश के सिस्टम पर छह प्रमुख लोगों का नियंत्रण है। राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी इसे चलाते हैं, अमित शाह धमकाने और कार्रवाई का काम देखते हैं, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल फोन टैपिंग और संचार व्यवस्था की निगरानी के जरिए सूचनाएं पहुंचाते हैं। इसके अलावा उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर वैचारिक नियंत्रण और उद्योगपति मुकेश अंबानी व गौतम अडानी पर वित्तीय समर्थन देकर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, मीडिया और खेल संस्थाओं में भी अपने पसंदीदा लोगों को बैठाया गया है।
‘सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए’
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को छात्रों से खतरा महसूस होता है क्योंकि छात्र सवाल खड़े करते हैं। छात्र पूछते हैं कि व्यापार कुछ हाथों में क्यों सिमट रहा है, संस्थाएं निष्पक्ष काम क्यों नहीं कर रहीं और अमित शाह के बेटे क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख कैसे बन गए। इसीलिए सिस्टम छात्रों की जगह अंधभक्त तैयार करना चाहता है। उन्होंने दोनों की तुलना करते हुए कहा कि छात्र जहां निडर, जिज्ञासु, ईमानदार और महिलाओं का सम्मान करने वाले होते हैं, वहीं अंधभक्त अपनी ही काल्पनिक दुनिया में रहकर नफरत और अहंकार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने तंज कसा कि सिस्टम चलाने वाले अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाते हैं और देश के युवाओं को बुनियादी अधिकारों से दूर रखना चाहते हैं।



