रांची: झारखंड में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (JUSNL) ने राज्य के उच्च क्षमता वाले पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम के जनरल मैनेजर (CRITL/O.E) कार्यालय, कुसई कॉलोनी (डोरंडा, रांची) की ओर से 400 KV और 220 KV ट्रांसमिशन लाइनों के लिए वेव ट्रैप (Wave Trap), पीएलसीसी (PLCC), को-एक्सियल केबल तथा अन्य संबंधित संचार एवं सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति, संस्थापना, टेस्टिंग और कमीशनिंग के लिए ई-निविदा (e-Tender) आमंत्रित की गई है।
ग्रिड कम्युनिकेशन और फॉल्ट प्रोटेक्शन होगा मजबूत
पावर ग्रिड ट्रांसमिशन में पीएलसीसी और वेव ट्रैप उपकरण रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। ये उपकरण हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों पर रियल-टाइम वॉयस कम्युनिकेशन, डेटा ट्रांसमिशन और सुरक्षात्मक रिले सिग्नल भेजने का कार्य करते हैं। लाइनों में किसी भी तकनीकी खराबी या फॉल्ट के समय ये सिस्टम तुरंत सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर ग्रिड ट्रिपिंग व बड़े नुकसान से बचाते हैं। इस टेंडर के तहत चयनित एजेंसी को न केवल नए उपकरण स्थापित करने होंगे, बल्कि पीएलसीसी सिस्टम के लिए 5 वर्षों का व्यापक रखरखाव भी उपलब्ध कराना होगा।
परियोजना की लागत और आवश्यक औपचारिकताएं
इस कार्य की कुल अनुमानित लागत लगभग 4,18,00,225 रुपये (जीएसटी एवं अन्य शुल्कों सहित) आंकी गई है। कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए 4 माह की समय-सीमा तय की गई है। इच्छुक बोलीदाताओं को केवल ऑनलाइन माध्यम से 8,37,000 रुपये की अग्रधन राशि (EMD) तथा 11,800 रुपये का ई-टेंडर शुल्क जमा कराना होगा।
निविदा से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां
- दस्तावेज डाउनलोड एवं बिड अपलोड शुरुआत: 27 अक्टूबर 2026, शाम 4 बजे
- प्री-बिड बैठक: 3 नवंबर 2026, शाम 4 बजे
- बिड अपलोड करने की अंतिम तिथि: 18 नवंबर 2026, शाम 4 बजे तक
- तकनीकी बिड खोलने की तिथि: 19 नवंबर 2026, शाम 4 बजे
- फाइनेंशियल बिड: तकनीकी रूप से सफल कंपनियों को बाद में सूचित किया जाएगा
इच्छुक एजेंसियां विस्तृत नियम व शर्तों के लिए झारखंड सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल (jharkhandtenders.gov.in) पर जाकर निविदा दस्तावेज देख सकती हैं। निगम का मानना है कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से राज्य में हाई-वोल्टेज लाइनों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी।





