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सोमालिया को डकैती से बचने के गुर सिखाएगा पाकिस्तान? जानिए विस्तार से

World News: समुद्री डकैती के लिए कुख्यात सोमालिया को अब पाकिस्तान समुद्री डकैती से बचने के गुर सिखाएगा। करीब 18 साल पहले दुनियाभर में सिरदर्द बन चुकी ये समस्या इस क्षेत्र में व्यापार के सबसे व्यस्त रूट को खतरे में डालती रही है। पाकिस्तान ने

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World News: समुद्री डकैती के लिए कुख्यात सोमालिया को अब पाकिस्तान समुद्री डकैती से बचने के गुर सिखाएगा। करीब 18 साल पहले दुनियाभर में सिरदर्द बन चुकी ये समस्या इस क्षेत्र में व्यापार के सबसे व्यस्त रूट को खतरे में डालती रही है। पाकिस्तान ने सोमाली नेवी को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण देने के लिए कदम उठाए हैं।

पाकिस्तानी नौसेना सोमाली नौसैनिक जहाजों के रख-रखाव में भी मदद करेगी और नई नौसैनिक इकाइयों के निर्माण तथा समुद्री गश्त अभियानों में भी शामिल होगी। यह सहयोग दोनों देशों के बीच आधिकारिक समझौता ज्ञापन के तहत होगा, जिसे सोमालिया की कैबिनेट ने हाल ही में मंजूरी दी है। इस समझौते के तहत अगला पाँच साल तक इस सहयोग को प्रभावी रखा जाएगा।

वैश्विक रणनीति और सुरक्षा का नया परिदृश्य

रेड सी और अदन की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर समुद्री डकैती का खतरा काफी बड़ा माना जाता है। इस क्षेत्र में चीन और अमेरिका के बीच सैन्य ताकतों का टकराव भी जारी है। चीन ने 2017 में जिबूती में अपना पहला विदेशी सैन्य बेस स्थापित किया है। वहीं, अब पाकिस्तान भी सोमालिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था का असर

यह इलाका वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोप और पूर्वी देशों के बीच ऊर्जा और मर्चेंट ट्रेड इसी रास्ते से गुजरता है। पाकिस्तान का यह कदम समुद्री डकैती को रोकने के साथ-साथ इस व्यापारिक मार्ग की सुरक्षा को मजबूत करेगा।

सोमालिया के सैनिकों को पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद विरोधी गतिविधियों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि कुछ सोमाली अधिकारी पाकिस्तान के स्टाफ और वार कॉलेजों में जाकर विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करेंगे। यह सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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