फॉण्ट कनवर्टर NEW

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: एमक्यू-9 रीपर और 7 घातक जेट्स से दहला ईरान

Washington, (US): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर पेंटागन ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल ईरान की सैन्य क्षमता को पंगु बनाना है, बल्कि उसके

अपनी भाषा में पढ़ें

Washington, (US): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर पेंटागन ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल ईरान की सैन्य क्षमता को पंगु बनाना है, बल्कि उसके शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर रणनीतिक दबाव बनाना भी है। ट्रंप ने दावा किया है कि इस हमले में ईरानी नौसेना का मुख्यालय और उनके 9 महत्वपूर्ण युद्धपोत समुद्र की गहराई में समा चुके हैं।

आसमान के शिकारी: घातक विमान और ड्रोन- इस ऑपरेशन में अमेरिका ने 7 अलग-अलग श्रेणियों के लड़ाकू विमानों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया है:

  • B-2 स्टील्थ बॉम्बर: यह विमान रडार की नजर में आए बिना ईरान के भीतर घुसकर भारी बमबारी कर रहा है।

  • F-35 और F-22 रैप्टर: दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान, जिन्होंने ईरान के वायु रक्षा तंत्र (Air Defense) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

  • MQ-9 रीपर और लुकास ड्रोन: इन ‘किलर ड्रोन्स’ का उपयोग अयातुल्ला खामेनेई के कार्यालय और IRGC मुख्यालय जैसे सटीक ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के लिए किया गया।

अभय कवच: थाड और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम- ईरान के जवाबी हमलों और मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिका ने पूरे मध्य-पूर्व में अपना सुरक्षा घेरा मजबूत कर लिया है:

  • THAAD (थाड): यह प्रणाली वायुमंडल के भीतर और बाहर दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है।

  • Patriot (पैट्रियट): कम दूरी की मिसाइलों और ड्रोनों के खिलाफ यह अमेरिका का सबसे भरोसेमंद कवच साबित हो रहा है।

समुद्री मोर्चा और रिजीम चेंज की सुगबुगाहट- समुद्र में परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमान वाहक पोत (Aircraft Carriers) और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने मोर्चा संभाल रखा है। भारी सैन्य दबाव के बीच व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि ईरान का संभावित नया नेतृत्व अब बातचीत की मेज पर आने को तैयार है। हालांकि नए नेतृत्व की पहचान गुप्त रखी गई है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं होते, ‘प्रहार’ जारी रहेगा।

Read more: जंग में फंसा अमेरिका: इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी, खाली हो रहे हथियार भंडार

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने ईरान की सैन्य शक्ति को दशकों पीछे धकेल दिया है, और अब गेंद ईरान के नए नेतृत्व के पाले में है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram