Patna: बिहार में राज्य संपोषित ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’ के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इस योजना के तहत घर बनाने वाले पात्र ग्रामीणों को 90 दिनों की मजदूरी दी जाएगी। बिहार के ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री श्रवण कुमार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को अपने अधूरे पक्के मकानों का निर्माण पूरा कराने में सीधी आर्थिक सहायता मिलेगी।
₹300 दैनिक दर से मिलेगा मजदूरी का लाभ
मंत्री श्रवण कुमार ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर बिहार के लिए मजदूरी दर बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन की गई थी। अब 90 दिनों की मजदूरी का प्रावधान जुड़ने से लाभार्थियों पर निर्माण लागत का वित्तीय बोझ कम होगा और वे समय पर अपने आवास का निर्माण पूरा कर सकेंगे।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि यह कदम राज्य में ग्रामीण आवास योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएगा। इससे न केवल गरीब परिवारों को अपने पक्के मकान की सुविधा मिलेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसरों को भी सहारा मिलेगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस नीतिगत फैसले से ग्रामीण इलाकों में जीवन स्तर सुधारने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।




