रांची। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या और उनसे उजड़ते परिवारों के दर्द को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने एक अनोखी और संवेदनशील पहल की है। शनिवार को रांची के ग्रामीण इलाकों दलादली चौक, तिलता चौक और ओरमांझी में प्रशासनिक सख्ती के बजाय आत्मीयता से भरपूर व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व खुद परिवहन सचिव राजीव रंजन ने किया, जहां पुलिसिया डंडे या चालान के डर के बिना लोगों के दिल और दिमाग को छूने का प्रयास किया गया।
सड़क पर बिना हेलमेट निकले करीब 600 से 700 दोपहिया वाहन चालकों को जब रोका गया, तो वे चालान की आशंका से सहम गए। लेकिन पुलिस और अधिकारियों ने उन्हें डांटने के बजाय गले में माला पहनाई, मुंह मीठा कराया और बड़े ही स्नेह से जीवन की कीमत समझाई। कई चालकों को मौके पर ही निःशुल्क हेलमेट और सुरक्षा पैम्फलेट सौंपे गए। प्रशासन का यह मानवीय रूप देखकर कई वाहन चालक भावुक हो उठे और उन्होंने भविष्य में बिना हेलमेट घर से न निकलने का संकल्प लिया।
सड़क पर जब साक्षात उतरे ‘यमराज’
जागरूकता को सीधे जनमानस से जोड़ने के लिए नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सहारा लिया गया। कलाकारों ने जब मंच पर ‘यमराज’ और लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले युवक का संवाद पेश किया, तो देखने वालों की भीड़ थम गई। नाटक के जरिए यह कड़ा संदेश दिया गया कि तेज रफ्तार और बिना हेलमेट का रोमांच कैसे एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र के आंसुओं में डुबो देता है। प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत इस नाटक ने वहां मौजूद राहगीरों और ग्रामीणों पर गहरा असर डाला।
सड़क सुरक्षा व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी
मौके पर मौजूद परिवहन सचिव राजीव रंजन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क हादसों में कमी लाना और नागरिकों के जीवन की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा, “सड़क सुरक्षा महज ट्रैफिक पुलिस या सरकार की जवाबदेही नहीं है, यह हमारा व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व है। जब परिवार के मुखिया या किसी सदस्य की सड़क पर असमय जान जाती है, तो वह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता। पूरा परिवार आर्थिक और भावनात्मक संकट में घिर जाता है।” उन्होंने लोगों से सिविक सेंस विकसित करने और यातायात नियमों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।
दुकानदारों को भी दी गई अतिक्रमण न करने की नसीहत
जागरूकता केवल दोपहिया चालकों तक सीमित नहीं रही। सड़क किनारे दुकान लगाने वालों और स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत की गई। अधिकारियों ने समझाया कि दुकानों का सामान सड़क तक फैलाना और अवैध पार्किंग किस तरह हादसों का सबब बनते हैं। लोगों से फुटपाथ और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को यातायात नियमों के पालन की सामूहिक शपथ दिलाई गई। जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित कई अधिकारी और ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस पूरे अभियान में सक्रिय रूप से जुटे रहे। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का यह सिलसिला पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा।




