रांची : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं। कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण से ही पार्टी की नीतियां और केंद्र सरकार की योजनाएं आम लोगों तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि बूथ के कार्यकर्ता ही संगठन के असली मालिक हैं।
नितिन नवीन कांके विधानसभा क्षेत्र के सुकुरहुटू स्थित बिरसा मंडप अखाड़ा परिसर में बूथ संख्या 249 पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 139वां एपिसोड सुना।
बूथ अध्यक्ष को बताया संगठन का मालिक
कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन ने पीछे खड़े बूथ अध्यक्ष आकाश कुमार और मंडल अध्यक्ष प्रभात कुमार को अपने पास बुलाया। उन्होंने दोनों को अपने बगल में खड़ा किया और बूथ अध्यक्ष को संगठन का मालिक बताया।
उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता ही पार्टी की नींव हैं। उनकी मेहनत से प्रधानमंत्री मोदी के विचार और जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों तक पहुंचती हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर
नितिन नवीन ने लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। उन्होंने महिलाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को गांव और समाज के दूसरे लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
बेटियों की शिक्षा को बताया जरूरी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बच्चों, खासकर बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। इससे परिवार और समाज दोनों का विकास होगा।
इससे पहले नितिन नवीन ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों से बातचीत भी की।
मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, प्रदेश मंत्री अमित सिंह, पूर्व विधायक समरी लाल, भाजपा नेता अमित कुमार और रांची पश्चिमी जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह समेत कई नेता, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।




