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‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च पर बवाल, नेहा बोरा रिहा तो दीपके जेल में; फ्लैग कोड जारी

दिल्ली पुलिस ने 12 घंटे की हिरासत के बाद आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा किया, जबकि सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके को फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने फ्लैग कोड गाइडलाइंस भी जारी कीं।

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New Delhi: राजधानी दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के दौरान शुरू हुआ सियासी और कानूनी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम मंडी हाउस से हिरासत में ली गईं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को करीब 12 घंटे की हिरासत के बाद शनिवार सुबह आरके पुरम थाने से रिहा कर दिया। वहीं, दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। पिछले छह दिनों के भीतर दीपके की यह दूसरी गिरफ्तारी है।

दीपके को SEM कोर्ट में पेश करेगी पुलिस, साथी पहले से जेल में

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभिजीत दीपके के खिलाफ शांति भंग करने की आशंका और एहतियाती प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पूर्व उन्हें हिरासत में लेकर अगले दिन रिहा किया गया था। उल्लेखनीय है कि सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास पहले से ही 5 दिन की न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं, जिनकी रिमांड 18 अक्टूबर को समाप्त होगी।

वकीलों से मिलने में अड़चन और दवाओं से इनकार का आरोप

रिहाई के बाद छात्र नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिरासत के दौरान नेहा बोरा को कई घंटों तक शहर के विभिन्न इलाकों में घुमाया गया और शुरुआत में उन्हें कानूनी सलाहकारों से मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि तबीयत खराब होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने में आनाकानी की। बाद में जब वकीलों से मुलाकात कराई गई, तब भी पुलिस कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर तैनात रखे गए थे।

तिरंगा मार्च के बीच दिल्ली पुलिस ने जारी की ‘फ्लैग कोड’ गाइडलाइंस

‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज के उचित उपयोग और सम्मान को लेकर भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code) के कड़े नियम जारी किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तिरंगा किसी भी सूरत में जमीन या पानी को नहीं छूना चाहिए। ध्वज को उल्टा फहराना या बिना आधिकारिक अनुमति के आधा झुकाना कानूनन अपराध है। इसके अलावा राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किसी पोशाक, यूनिफॉर्म, कुशन, रुमाल या सजावटी कपड़े के रूप में करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। किसी वाहन, मंच या डेस्क को ढंकने के लिए भी तिरंगे का इस्तेमाल गैरकानूनी माना जाएगा।

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