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Ranchi : झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में नगर निगम और नगर निकाय चुनाव अब तक नहीं कराने पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने इस मामले को अवमानना का विषय बताते हुए भारत के निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है और जल्द से जल्द चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और अपर सचिव ज्ञानेंद्र कुमार अदालत में उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति आनंदा सेन की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार ओबीसी आरक्षण के ‘ट्रिपल टेस्ट’ की प्रक्रिया के नाम पर चुनावों में देरी नहीं कर सकती।
महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इसकी रिपोर्ट कैबिनेट को भेजी जाएगी। अनुमोदन के बाद राज्य सरकार चुनाव कराने की अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगी। अदालत ने इसके लिए सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयोजन के लिए तीन माह का समय मांगा, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया। अदालत ने आयोग से अगली सुनवाई (10 नवंबर) तक स्पष्ट जवाब मांगा है कि वह कब तक चुनाव करा सकता है।
गौरतलब है कि झारखंड में जून 2020 से 12 शहरी निकायों में चुनाव नहीं हुए हैं और कई नगर निगम बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के ही चल रहे हैं। अदालत ने इसे संवैधानिक संकट की स्थिति बताते हुए तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया है।

