अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Bokaro: समाजवादी पार्टी के प्रमुख महासचिव मुमताज अली ने गोविंदपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कहा कि राष्ट्र की संपत्ति को लूटने वाले और लुट कराने वाले दोनों को संरक्षण देना राष्ट्रद्रोह के समान है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने अपने भाषण में देश के महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का उदाहरण देते हुए कहा कि महात्मा गांधी एक बैरिस्टर थे, लेकिन उन्होंने सूट-बूट छोड़कर देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने साउथ अफ्रीका के डरवन हाईकोर्ट की उच्च जीवनशैली त्यागकर सादगी को अपनाया। इसी तरह सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू ने भी विलासिता का जीवन छोड़कर राष्ट्र सेवा को अपना लक्ष्य बनाया।
मुमताज अली ने आगे कहा कि मौलाना आजाद और सुभाषचंद्र बोस जैसे महान नेताओं ने भी देश सेवा के लिए बड़े पदों और सुविधाओं को त्याग दिया। उन्होंने कहा कि सुभाषचंद्र बोस ने ब्रिटिश शासन के दौरान आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने के बाद भी नौकरी छोड़कर देश की सेवा को प्राथमिकता दी। वहीं बाल गंगाधर तिलक और डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित सैकड़ों नेताओं ने अपने जीवन को राष्ट्र के नाम समर्पित कर दिया।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आज उसी देश में कुछ लोग राष्ट्रीय संपत्ति को लूटकर अवैध तरीके से करोड़ों-अरबों की संपत्ति बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद वन प्रमंडल के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने प्रमाण के साथ मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुमताज अली ने कहा कि कार्रवाई के बजाय उन पर ही झूठा और फर्जी SC-ST का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुकदमों से वे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिसे मौत का डर नहीं होता, उसे झूठे मामलों से डराया नहीं जा सकता।
Read more: मंदिर-मस्जिद नहीं, रोजी-रोटी की बात करो! मुमताज अली ने हुकूमत को घेरा
उन्होंने कहा कि वे अंतिम सांस तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख को भी पूरे मामले की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

