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बिहार में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना शुरू, मिलेंगे ₹10,000

बिहार सरकार ने 55 करोड़ के बजट से मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना शुरू की है, जिसके तहत 1000 चयनित छात्राओं को 4 साल तक प्रतिमाह 10,000 रुपये मिलेंगे।
मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप

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PATNA: उच्च शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शोधार्थी छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप’ योजना लागू करने की घोषणा की है। इस नई स्कीम के तहत अब छात्राओं को रिसर्च के दौरान लैब टेस्टिंग, केमिकल्स और जरूरी उपकरणों के खर्च के लिए परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पटना विश्वविद्यालय की बॉटनी की शोधार्थी खुशबू रानी बताती हैं कि पिछले तीन सालों से बिना किसी फेलोशिप के रिसर्च करना काफी मुश्किल भरा था, लेकिन इस योजना की घोषणा के बाद अब वे पूरी मजबूती और आत्मनिर्भरता से अपना शोध कार्य पूरा कर सकेंगी।

55 करोड़ का बजट और 4 साल तक आर्थिक मदद

इस महत्वाकांक्षी योजना को कुल 55 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। योजना के तहत हर साल मेरिट और तय प्रक्रिया के आधार पर 1,000 होनहार छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को 4 वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता (फेलोशिप) दी जाएगी। विशेष बात यह है कि यह राशि केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) में पीएचडी के लिए दी जाने वाली 9,000 रुपये प्रति माह की फेलोशिप से भी ज्यादा है। योजना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए एक्सपर्ट्स की टीम चयन करेगी और नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

राज्य के इन प्रमुख विश्वविद्यालयों को मिलेगा लाभ

इस फेलोशिप का दायरा राज्य के लगभग सभी बड़े विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों तक होगा। इसमें पटना यूनिवर्सिटी, पाटलिपुत्र, आर्यभट्ट ज्ञान, चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, बिहार पशु विज्ञान, कृषि विश्वविद्यालय सबौर, वीर कुंवर सिंह, मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी, मगध, जेपी, एलएनएमयू दरभंगा, कामेश्वर सिंह संस्कृत यूनिवर्सिटी, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुंगेर, पूर्णिया, तिलका मांझी और बीएन मंडल विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट, एलएन मिश्रा, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान और डीएमआई पटना की छात्राएं भी इसका लाभ उठा सकेंगी।

छात्राओं ने जताया सरकार का आभार

यूजीसी नेट जेआरएफ जून 2026 टॉपर (पॉलिटिकल साइंस) आरती कुमारी ने कहा कि पैसों के अभाव में कई बार मेधावी छात्राएं रिसर्च बीच में छोड़ देती हैं। यह फेलोशिप हम जैसी बेटियों के लिए एक बड़ा संबल बनेगी। वहीं पटना विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग की शोधार्थी नाजिया हसनैन और छात्रा आरती अनमोल सिंह ने कहा कि साइंस और अन्य विषयों में लैब वर्क व डॉक्यूमेंटेशन का भारी खर्च होता था, लेकिन 10 हजार रुपये प्रतिमाह की इस मदद से अब बेटियां बेफिक्र होकर उच्च शिक्षा में राज्य का नाम रोशन करेंगी।

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