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झारखंड में ‘सीजनल इन्फ्लूएंजा’ को लेकर हाई अलर्ट, 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार

रांची: देश के प्रमुख राज्यों में सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1 और H3N2) के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक

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रांची: देश के प्रमुख राज्यों में सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1 और H3N2) के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों और जिला सर्विलेंस अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि राज्य में फिलहाल इन्फ्लूएंजा संक्रमण के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों पर IHIP पोर्टल के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

अस्पतालों में तैयारियां और जांच की व्यवस्था

संक्रमण से निपटने के लिए रांची के RIMS और जमशेदपुर के MGM अस्पताल में जांच की विशेष सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कम से कम 10 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में PPE किट, N95 मास्क, VTM किट, ऑक्सीजन उपकरण, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। OPD में आने वाले मरीजों की सख्त स्क्रीनिंग की जाएगी और डॉक्टरों समेत सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा?

IEC के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल किशोर सिंह के अनुसार, बुजुर्गों, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में इस संक्रमण का खतरा अधिक है। स्वास्थ्य विभाग पोस्टर और प्रचार सामग्री के जरिए जन-जागरूकता अभियान चला रहा है।

बचाव के उपाय और क्या न करें:

  • क्या करें: भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें, खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पिएं।
  • क्या न करें: हाथ मिलाने से बचें, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें, बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स दवाएं न लें और गंदे हाथों से आंख, नाक व मुंह न छुएं।
यदि किसी को सर्दी, खांसी या तेज बुखार जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो वे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। किसी भी चिकित्सीय सहायता या परामर्श के लिए राज्य सरकार के 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 104 पर कॉल कर सकते हैं।
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