New Delhi: देश के कई राज्यों में मानसून का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश के 47 जिलों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी तरफ, ओडिशा के तीन जिलों में 67 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। विभाग का अनुमान है कि 2 सितंबर तक ओडिशा के तटीय और उत्तरी इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।
बिहार में गंगा और गंडक नदियां लाल निशान के ऊपर बह रही हैं, जिससे 50 हजार से ज्यादा घर जलमग्न हो चुके हैं। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते 67 प्रमुख सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके उलट राजस्थान में मानसून की रफ्तार थमने से अलवर सहित 15 शहरों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश के 16 जिले वर्तमान में बाढ़ के संकट से जूझ रहे हैं। झांसी के टोडी फतेहपुर में पथराई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी बस स्टैंड और रिहायशी इलाकों में घुस गया। यहां दुकानों व मकानों में 7 से 8 फीट तक पानी भर जाने से कई परिवार छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर भूस्खलन के प्रति आगाह किया है। उधर पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून कमजोर पड़ने से उमस बढ़ गई है, हालांकि पठानकोट, होशियारपुर और गुरदासपुर समेत पांच जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।




