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पूर्व डीजीपी पर ‘गुंडागर्दी’ चलाने का आरोप, मरांडी का दावा!

Ranchi News: झारखंड की राजनीति गुरुवार को और गरम हो गई, जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोपों की बौछार कर दी। राजधानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस

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Ranchi News: झारखंड की राजनीति गुरुवार को और गरम हो गई, जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोपों की बौछार कर दी। राजधानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मरांडी ने दावा किया कि झारखंड में फैले अवैध खनन, भ्रष्ट नियुक्तियों और वसूली के पीछे दोनों की “गहरी सांठगांठ” रही है।

उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के शासन में प्रदेश अवैध कारोबार और माफिया गतिविधियों का अड्डा बन गया, जबकि इस पूरे खेल का केंद्र पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता थे, जिन्हें नियमों की अनदेखी करते हुए रिटायरमेंट के बाद भी पद पर बनाए रखा गया।

मरांडी बोले—डीजीपी ने वर्दी की आड़ में चलाया वसूली का तंत्र

मरांडी के अनुसार, अनुराग गुप्ता एक साथ सीआईडी और एसीबी दोनों के प्रमुख थे और दोनों एजेंसियों का इस्तेमाल वसूली और दबाव बनाने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने भारत माला प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि परियोजना से होने वाली अवैध कमाई का 40 प्रतिशत हिस्सा सीधे अनुराग गुप्ता को जाता था और बाकी हिस्सा “ऊपर तक”।

मरांडी ने दावा किया कि इसी रिश्ता तंत्र में रुकावट आने पर गुप्ता को पद से हटाया गया। उन्होंने खनन, कोयला और बालू कारोबार में गुप्ता की कथित मिलीभगत का भी जिक्र किया और कहा कि जेल में बंद अपराधी सुजीत सिन्हा के साथ उनका संपर्क किसी से छिपा नहीं है। मरांडी ने यह भी कहा कि अपराधी अमन साहू का एनकाउंटर भी इस नेटवर्क से जुड़ा था ताकि अवैध कारोबार में कोई बाधा न हो।

एनआईए जांच की मांग, सरकार की चुप्पी पर सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा और अनुराग गुप्ता के बीच हुई कथित बातचीत की पूरी फाइल मौजूद है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला नहीं बल्कि झारखंड की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। मरांडी ने इन सभी मामलों की एनआईए से जांच कराने की मांग दोहराई। फिलहाल, सीएम कार्यालय की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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