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शेर का बाड़ा फिर जीवंत! रांची जैविक उद्यान में एशियाई शेरनी का शावक

Ranchi: भगवान बिरसा जैविक उद्यान रांची में लंबे समय बाद फिर से सनसनी और उत्साह का माहौल है। यहां एशियाई शेर का एक नन्हा शावक जन्म लेकर पूरे जिले का गौरव बन गया है। उद्यान निदेशक श्री जब्बार सिंह ने बताया कि यह शावक मादा

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Ranchi: भगवान बिरसा जैविक उद्यान रांची में लंबे समय बाद फिर से सनसनी और उत्साह का माहौल है। यहां एशियाई शेर का एक नन्हा शावक जन्म लेकर पूरे जिले का गौरव बन गया है। उद्यान निदेशक श्री जब्बार सिंह ने बताया कि यह शावक मादा शेरनी सबरी ने 28 नवंबर 2025 को जन्म दिया था, जो अब लगभग 4 माह की हो चुकी है और पूरी तरह स्वस्थ भी है।

पिछले कुछ सालों में उद्यान में रहने वाले पुराने एशियाई और हाइब्रिड शेर वृद्धावस्था के कारण चल बसे थे, जिसके बाद शेर का बाड़ा खाली पड़ गया था। 2025 में इस बाड़े को फिर से जीवंत करने के लिए छत्तीसगढ़ के नंदनवन जू एंड जंगल सफ़ारी, रायपुर से एशियाई शेर का जोड़ा ‘अभय’ (नर) और ‘सबरी’ (मादा) 16 जून 2025 को लाया गया था। दोनों का सफलतापूर्वक मिलन 12 अगस्त 2025 को कराया गया, जिसके बाद यह शावक जन्म लेने वाली पहली उपलब्धि बनी।

पलने के दौरान शावक की स्थिति कुछ दिनों गंभीर हो गई थी। जन्म के लगभग 10 दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे मां से अलग कर पशु अस्पताल के एक विशेष कक्ष में रखा गया। यहां पशु चिकित्सकों, जीव वैज्ञानिकों, वन रक्षियों और अन्य कर्मियों की दिन‑रात की मेहनत के बाद शावक स्वस्थ होकर बड़ी हो रही है। अब उसे मां सबरी के पास बनी सुरक्षित नर्सरी में रखा गया है, जहां उसकी लगातार निगरानी और देखभाल जारी है।

दर्शकों की उत्सुकता को देखते हुए उद्यान प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। शावक को अभी सीधे बाड़े में नहीं छोड़ा गया है, बल्कि जू में एक बड़ी सीसीटीवी टीवी स्क्रीन लगाई गई है, जिस पर शावक की अठखेलियां और दिनचर्या दर्शकों को दिखाई जाएगी। इससे आगंतुक नन्हे शावक को बिना उसे डराए या खतरे में डाले, उसका दीदार कर सकेंगे। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार और एचओएफएफ जैसे सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे।

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