Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसे में 20 लोग घायल हुए हैं, जबकि 12 से 15 कर्मचारियों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
‘मलबे में फंसे कर्मचारियों से हुआ संपर्क’
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार शाम एसएसकेएम अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि अब तक करीब 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। पांच लोगों की मौत हुई है और 20 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव दलों का मलबे में फंसे कुछ कर्मचारियों से संपर्क हो चुका है और उन्हें जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। मौके पर एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, कोलकाता पुलिस और भारतीय सेना के जवान संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रहे हैं।
‘गलत बिल्डिंग प्लान को बताया हादसे की वजह’
दिन में दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय नबन्ना में प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि हादसा दोपहर 12:07 बजे हुआ था। उन्होंने शुरुआती जांच के आधार पर निर्माणाधीन गोदाम के गलत बिल्डिंग प्लान को हादसे की प्रमुख वजह बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस भवन के नक्शे को 17 जनवरी 2026 को मंजूरी दी गई थी। शुरुआती स्तर पर कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (केएमसी) के इंजीनियरों ने निर्माण योजना में कुछ गड़बड़ियों की ओर संकेत किया था। मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गोदाम के मालिकों की पहचान बेहरा ब्रदर्स के रूप में हुई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
’31 जुलाई तक कमर्शियल प्रोजेक्ट्स पर रोक’
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कमर्शियल प्रॉपर्टीज के बिल्डिंग प्लान, साइट प्लान और निर्माण कार्यों की व्यापक जांच की जाएगी। जिन परियोजनाओं के दस्तावेज और निर्माण मानक सही पाए जाएंगे, उन्हें 1 अगस्त से दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान देर रात तक जारी रहने की संभावना है और पूरे राज्य की नजर इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है।
