Patna: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड सरकारी आवास खाली करने के लिए भवन निर्माण विभाग ने अंतिम नोटिस जारी किया है। विभाग ने नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर आवास खाली नहीं किए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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‘सात दिन में खाली करें सरकारी आवास’

भवन निर्माण विभाग द्वारा 22 जून को जारी नोटिस में कहा गया है कि 25 नवंबर 2025 को नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधान परिषद के आवासन के लिए पटना केंद्रीय पूल का आवास संख्या-39, हार्डिंग रोड राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था। इसके बावजूद वह अब तक पूर्व में आवंटित 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रह रही हैं।

विभाग के अनुसार, नए आवास के आवंटन के बाद भी पुराने सरकारी बंगले पर उनका कब्जा बना हुआ है, जिससे आवास आवंटन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

‘मंत्री को आवंटित हो चुका है बंगला’

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को 27 मई 2026 के आदेश के तहत डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। हालांकि आवास खाली नहीं होने के कारण मंत्री अब तक उसमें प्रवेश नहीं कर पाए हैं।

सरकार का कहना है कि आवास पहले ही नए आवंटी को सौंपा जा चुका है, लेकिन कब्जा नहीं मिलने से प्रशासनिक असुविधा उत्पन्न हो रही है।

‘पहले भी भेजे गए थे कई नोटिस’

भवन निर्माण विभाग ने बताया कि राबड़ी देवी को पहली बार 15 दिसंबर 2025 को आवास खाली करने के लिए पत्र भेजा गया था। इसके बाद 17 अप्रैल 2026 और 29 मई 2026 को उनके आप्त सचिव के माध्यम से भी इस संबंध में जानकारी दी गई थी।

इतना ही नहीं, 3 जून 2026 को भी सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग का दावा है कि बार-बार अनुरोध और नोटिस भेजे जाने के बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं किया गया।

‘अधिनियम के तहत अंतिम चेतावनी’

भवन निर्माण विभाग ने बिहार सरकारी परिसर (आवंटन, किराया, वसूली एवं बेदखली) (संशोधन) अधिनियम, 2024 की धारा 4(ख) के तहत प्राप्त शक्तियों का हवाला देते हुए राबड़ी देवी को अंतिम अवसर दिया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि सात दिनों के भीतर आवास खाली नहीं किया जाता है, तो विभाग नियमानुसार बेदखली सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई करेगा।

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इस नोटिस के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी आवास को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राबड़ी देवी निर्धारित समयसीमा के भीतर आवास खाली करती हैं या फिर मामला आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की ओर बढ़ता है।

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