नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं और इसके लिए पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को ऑनलाइन पत्र भेजकर जनप्रतिनिधियों और एमसीडी अधिकारियों की संपत्तियों की जांच और जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा और पूर्व विधायकों, पार्षदों और अधिकारियों के साथ उनके परिवार के नाम पर मौजूद संपत्तियों का भी पूरा ब्योरा सामने आना चाहिए।
बेदी ने दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की वजह से कई जगहों पर नियमों की अनदेखी की जाती है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने एमसीडी अधिकारियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई बार निर्माण सामग्री दिखाई देने पर ही उगाही का खेल शुरू हो जाता है। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रशासन के पास निगरानी के लिए तकनीक और सिस्टम मौजूद हैं, तो अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं होती?
किरण बेदी ने प्रशासन की तुलना मानव शरीर से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह शरीर के सभी अंग मिलकर काम करते हैं, उसी तरह सरकार और प्रशासन के अलग-अलग विभागों के बीच भी बेहतर तालमेल होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व, जवाबदेही और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के बिना ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा।




