Chaibasa News: चाईबासा के मझगाँव थाना क्षेत्र का खड़पोस गांव सोमवार को उस वक्त दहल उठा, जब पुलिस ने फेरीवाले श्रीराम बिरुवा की हत्या का राज़ खोलते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। कहानी की शुरुआत 22 नवंबर को झरना नदी किनारे जली हुई एक टीव्हीएस मॉपेड मिलने से हुई थी। पहले यह सिर्फ आगजनी का मामला लग रहा था, लेकिन जब वाहन की पहचान हुई, तभी से पुलिस की चिंता बढ़ गई।

घर बंद मिला, दरवाजे पर ताज़ा खून

जब पुलिस श्रीराम बिरुवा के घर पहुंची, तो नज़ारा और भी शक पैदा करने वाला था। घर बाहर से बंद था, लेकिन अंदर टीवी चल रहा था। दरवाज़े पर ताज़ा खून के धब्बे देखकर टीम ने ग्रामीणों की मौजूदगी में घर खोला। अंदर चारों तरफ सामान बिखरा था और कई जगह खून के निशान थे। श्रीराम घर पर नहीं थे, और वह अकेले ही रहते थे। इससे मामला और गंभीर हो गया।

कब्रिस्तान की झाड़ियों में मिला शव

जांच आगे बढ़ी, और पुलिस ने घर से लगभग 100 मीटर दूर कब्रिस्तान के पीछे झाड़ियों में श्रीराम का अर्धनग्न शव बरामद किया। शव देखकर साफ था कि अपराधियों ने घटना को छिपाने की कोशिश की थी। शव मिलने के बाद उनके पुत्र जयासिंह बिरुवा के बयान पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई।

जमीन विवाद बना गिरफ्त का कारण

मामले की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने तीनों संदिग्ध—सूरज बिरुवा उर्फ टकलू, मधु बांकिरा उर्फ डोंडा और राहुल पिंगुवा—को हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद तीनों टूट गए और बताया कि श्रीराम से पुराने जमीन विवाद को लेकर उन्होंने मिलकर हत्या की थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से सना लोहे का रॉड, एक गुप्ती, मृतक का पैंट और जली हुई मॉपेड बरामद की।

पुलिस टीम ने तेजी से सुलझाया केस

पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी उपेंद्र नारायण सिंह की टीम ने की, जिसमें इबनेसार अहमद खान, सुभाष दास और निरीक्षक वासुदेव मुंडा शामिल थे। गिरफ्तार तीनों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। खड़पोस गांव आज भी इस वारदात से सदमे में है, क्योंकि श्रीराम बिरुवा गांव में शांत स्वभाव से जाने जाते थे।

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