Ranchi: झारखंड के लोगों को लग रहा था कि अब ठंड विदाई की ओर है, लेकिन कुदरत के मिजाज ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर ने पूरे राज्य को अपनी आगोश में ले लिया है। आलम यह है कि सूरज ढलते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

गुमला बना राज्य का ‘कोल्ड जोन’ : पिछले 24 घंटों में ठंड का सबसे घातक प्रहार गुमला में देखा गया, जहां पारा लुढ़ककर 5 डिग्री सेल्सियस पर जा टिका है। राजधानी रांची और जमशेदपुर को छोड़ दें, तो राज्य का लगभग हर जिला 10 डिग्री से नीचे की शीतलहर झेल रहा है। खूंटी, सिमडेगा और मेदिनीनगर में भी सुबह के वक्त घना कुहासा और कंपकपाने वाली ठंड लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है।

क्या कहता है मौसम विभाग? : मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 9 फरवरी से झारखंड के आसमान पर बादलों का डेरा शुरू होने वाला है। यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि बादलों की वजह से न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़त देखी जाएगी, लेकिन सूरज की लुका-छिपी के कारण दिन में भी कनकनी महसूस होती रहेगी।

राजधानी रांची का हाल : रांची में फिलहाल पारा 10.8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। हालांकि अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री के साथ सामान्य है, लेकिन शाम होते ही चलने वाली ठंडी हवाएं मौसम को काफी सर्द बना रही हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल बारिश की उम्मीद तो नहीं है, लेकिन सुबह का कुहासा सड़कों पर दृश्यता (Visibility) कम कर सकता है।

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