Lohardaga News: लोहरदगा के कुडू प्रखंड के उमरी मैदान में गुरुवार का दिन थोड़ा खास हो गया। पूरा मैदान उत्साह, रंग और तालियों की गूंज से भरा दिखा, जब राज्य स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। मंच पर पहुंचते ही उनका स्वागत सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ और माहौल में एक अलग ही ऊर्जा महसूस होने लगी।
“पानी–मिट्टी की हर बूंद का हिसाब होगा”
अपने संबोधन में मंत्री दीपिका पांडेय का अंदाज साफ था- सरकार अब जल और मिट्टी संरक्षण को सिर्फ योजना नहीं, बल्कि मिशन की तरह देख रही है। उन्होंने कहा कि अब हर बूंद पर सीधी निगरानी होगी, और यही भविष्य की खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली ताकत बनेगा। उन्होंने बताया कि पेसा कानून लागू करने को लेकर सरकार तेज़ी से काम कर रही है और अबुवा आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को पक्का घर देने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। केंद्र से रुकी राशि की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर उन्होंने राहत जताई और कहा कि अब पंचायत स्तर पर विकास की रफ्तार और बढ़ेगी।
जनभागीदारी कप बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा तालियां तब बटोरी गईं जब जनभागीदारी कप 2025 के विजेताओं- सरायकेला, जामताड़ा, सिमडेगा, रांची, हजारीबाग और पश्चिम सिंहभूम- को 20-20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि सौंपी गई। इसके साथ ही वाटरशेड तकनीकी मैनुअल, कॉफी टेबल बुक, मार्गदर्शिका और राज्य जलछाजन मिशन के वेब पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया।
वीडियो प्रेजेंटेशन और नुक्कड़ नाटक ने बढ़ाई जागरूकता
उपायुक्त कुमार ताराचंद ने जिले में चल रहे जलछाजन कार्यों की प्रगति बताई, जबकि राज्य जलछाजन मिशन के सीईओ मृत्युंजय वर्णवाल ने तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। नुक्कड़ नाटक और वीडियो प्रेजेंटेशन ने लोगों को यह समझाया कि जल संरक्षण सिर्फ सरकारी काम नहीं, बल्कि हर गांव की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों, किसानों और समूह की महिलाओं की बड़ी उपस्थिति
पूरा मैदान अधिकारियों, किसानों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों से भरा था। मंच पर पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिज़वी, एसडीओ विजय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी भीड़ थोड़ी देर तक बनी रही- शायद इसलिए कि लोगों को लगा कि यह सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि गांवों के भविष्य की नई शुरुआत है।



