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फर्जी APK से खाते खाली करने वाला साइबर गिरोह बेनकाब, जामताड़ा का मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस की साइबर थाना टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को बैंक अधिकारी बनकर फोन करता था और खाता बंद होने या केवाईसी

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Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस की साइबर थाना टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को बैंक अधिकारी बनकर फोन करता था और खाता बंद होने या केवाईसी अपडेट नहीं होने का डर दिखाकर उनके मोबाइल पर फर्जी एपीके (APK) फाइल भेजता था। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को इंस्टॉल करता था, आरोपी उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर बैंक खाते से रकम उड़ा लेते थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह अब तक करीब 30 लाख रुपये की साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी एसपी ललित मीणा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कार्रवाई नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के प्रतिबिंब ऐप से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। ओडिशा निवासी भगीरथी मोहंती ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनके बैंक खाते से 99,017 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।

जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की लोकेशन मानगो थाना क्षेत्र के जवाहर नगर रोड नंबर-4 में मिली। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना और मानगो थाना की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवघर निवासी 39 वर्षीय संजय कुमार सिंह, जामताड़ा निवासी 33 वर्षीय राहुल कुमार रवानी, देवघर निवासी 31 वर्षीय सुनील कुमार झा तथा सरायकेला-खरसावां निवासी 24 वर्षीय राहुल कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार राहुल कुमार रवानी इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ वर्ष 2024 में जामताड़ा साइबर थाना में साइबर अपराध का मामला पहले से दर्ज है, जिससे उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी पुष्टि हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुख्य रूप से बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और एक्सिस बैंक के ग्राहकों को निशाना बनाते थे। आरोपी खुद को बैंक का अधिकारी बताकर फोन करते और खाते का केवाईसी अपडेट नहीं होने या बैंक खाता बंद होने की बात कहकर लोगों को डराते थे। इसके बाद वे व्हाट्सएप के माध्यम से एक फर्जी एपीके फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता, साइबर ठगों को मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद वे मोबाइल बैंकिंग, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियों का उपयोग कर खाते से रुपये निकाल लेते थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नौ मोबाइल फोन, सात सक्रिय सिम कार्ड तथा पंजाब नेशनल बैंक का एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने देश के किन-किन राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं।

सिटी एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 30 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ यह राशि और बढ़ सकती है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

इस कार्रवाई में साइबर अपराध थाना प्रभारी निवास कुमार, पुलिस पदाधिकारी कुणाल राजा, आरक्षी निर्मल कुमार महतो, विष्णु चरण महतो, किरुम कोंगाड़ी तथा मानगो थाना की गश्ती टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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