Ranchi/Devghar: झारखंड के संताल परगना प्रमंडल में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने और स्वच्छता अभियानों को नई गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। 24 सितंबर को देवघर समाहरणालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने संताल परगना के सभी छह जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, जामताड़ा और पाकुड़ में ‘जल जीवन मिशन’ (JJM) और ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ की प्रगति का जिलावार जायजा लिया।
2 अक्टूबर को ‘जल अर्पण दिवस’ मनाने का निर्देश
समीक्षा बैठक में सचिव अबु इमरान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी 2 अक्टूबर को राज्य में ‘जल अर्पण दिवस’ के रूप में मनाया जाए। इसके तहत संताल परगना के जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, वहां ‘हर घर जल’ सर्टिफिकेशन (प्रमाणन) के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने जलापूर्ति के दौरान पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने और जल स्रोतों की सुरक्षा के मद्देनजर इंटेकवेल के आसपास बालू के अवैध खनन तथा अन्य गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के सख्त आदेश जारी किए।
लापरवाह ठेकेदारों और एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई
विभागीय समीक्षा के दौरान सचिव ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो एजेंसियां या संवेदक (ठेकेदार) तय समय-सीमा में काम पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अंतर-विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेज करने, SNS SPARSH Onboarding, Sujal ID Creation और निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु Consumer ID सृजित कर बिजली विभाग से बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
5-Star ODF Plus गांवों के लिए चलेगा विशेष अभियान
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत PM-JANMAN, सांसद आदर्श ग्राम योजना और आकांक्षी जिलों के गांवों को प्राथमिकता के आधार पर 5-Star ODF Plus घोषित किया जाएगा। गांवों को पूरी तरह से सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए सभी ग्रामसभाओं के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्रस्ताव पारित कराने की बात कही गई है।
समीक्षा बैठक में देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया, विभिन्न जिलों के उप विकास आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और संबंधित कार्यदायी एजेंसियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।




