Bokaro : राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल के निधन से साहित्य जगत मर्माहत है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष 76 वर्षीय जगदीश मित्तल का निधन गुरुवार को दिल्ली में इलाज के दौरान हो गया। उनके निधन का समाचार जैसे ही सोशल मीडिया पर आया साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई। देशभर के साहित्यकारों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके निधन को समाज व साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। राष्ट्रीय कवि संगम, बोकारो महानगर इकाई के अध्यक्ष अरुण पाठक ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य जगत के लिए उनका निधन एक बहुत बड़ी क्षति है। जगदीश मित्तल जी ने अपना जीवन साहित्य और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया था। उन्होंने असंख्य कवियों एवं साहित्यप्रेमियों का मार्गदर्शन किया। साहित्य और काव्य जगत में जगदीश मित्तल जी का सबसे ऐतिहासिक योगदान राष्ट्रीय कवि संगम की स्थापना माना जाता है। उन्होंने देशभर के कवियों को एक साझा मंच प्रदान कर कविता और साहित्य को राष्ट्रनिर्माण एवं सकारात्मक चिंतन का सशक्त माध्यम बनाया। राष्ट्र जागरण धर्म हमारा सूत्र वाक्य को चरितार्थ करता राष्ट्रीय कवि संगम की इकाई आज देश के लगभग सभी राज्यों में कार्यरत है। निधन से एक सप्ताह पूर्व तक साहित्यिक आयोजनों में उनकी सक्रियता बनी रही और अचानक दो तीन दिन पूर्व सोशल मीडिया पर उनकी तबीयत खराब होने की सूचना व कल शाम उनके निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक रहा।
राष्ट्रीय कवि संगम, बोकारो महानगर इकाई के उपाध्यक्ष समीर स्वरूप गर्ग, उपाध्यक्ष करुणा कलिका, बोकारो जिला इकाई अध्यक्ष विद्या भूषण मिश्र, राष्ट्रीय मंत्री व प्रसिद्ध कवि दिनेश देवघरिया, प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ श्याम कुंवर भारती, प्रांतीय महामंत्री सरोज झा झारखंडी, प्रांतीय सह मंत्री व गीतकार राकेश नाजुक, कवि रोहित अंबष्ट, पीयूष राज, कल्पना झा, पंकज प्रियम, अभिनव शंकर, क्रांति श्रीवास्तव, रीना यादव, नितेश सागर, ब्रजेश पांडेय, रिंकू गिरि, शैलजा झा, डॉ रंजना श्रीवास्तव, अमृता शर्मा, गीता कुमारी, ज्योति वर्मा, नीलम झा, अनिल कुमार श्रीवास्तव आदि ने भी उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।





