New Delhi: भीषण संघर्ष और गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहे फिलिस्तीन के नागरिकों के लिए भारत एक बड़ा मददगार बनकर सामने आया है। कूटनीतिक बयानों से आगे बढ़कर भारत जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। इसी क्रम में फिलिस्तीन में जल्द ही एक आधुनिक चिकित्सा केंद्र का निर्माण किया जाएगा, जिसे ‘इंडिया हॉस्पिटल’ (India Hospital) नाम दिया गया है। इस स्वास्थ्य प्रोजेक्ट को औपचारिक मंजूरी मिलने के साथ ही सभी जरूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वेस्ट बैंक में दस्तावेजों पर हुए हस्ताक्षर
हाल ही में भारतीय विदेश मंत्रालय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलिस्तीन का दौरा किया। वहां के प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान वेस्ट बैंक में इस अस्पताल के निर्माण से जुड़े समझौतों पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए।
फिलिस्तीनी राजदूत ने भारत की इस पहल पर गहरा आभार जताते हुए इसे दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी दोस्ती और भरोसे की मिसाल बताया।
जीवन रक्षक दवाएं, डायलिसिस मशीनें और कृत्रिम अंग प्रोजेक्ट
युद्ध और संघर्ष के कारण फिलिस्तीन का स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका है, जहां दवाओं, बिस्तरों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी है। इस संकट को देखते हुए भारत सरकार कई स्तरों पर सहायता पहुंचा रही है:
दवाइयां और मेडिकल सप्लाई: गंभीर रूप से घायल और बीमार नागरिकों के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं भेजी जा रही हैं।
आधुनिक उपकरण: अस्पतालों के लिए डायलिसिस मशीनें और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रॉस्थेटिक (कृत्रिम अंग) प्रोजेक्ट: संघर्ष में अपने अंग गंवा चुके नागरिकों को दोबारा सामान्य जीवन देने के लिए विशेष कृत्रिम अंग प्रोजेक्ट का संचालन किया जा रहा है।
शांति और संवाद का पक्षधर रहा है भारत
भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा से बातचीत और कूटनीति के जरिए स्थायी समाधान का समर्थक रहा है। भारत का स्पष्ट रुख है कि गाजा और आसपास के संकटग्रस्त इलाकों में आम नागरिकों तक भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। भारत द्वारा उठाया गया यह मानवीय कदम संकट की इस घड़ी में लाखों नागरिकों को नया जीवन संबल दे रहा है।




